चमत्कारों का समझा विज्ञान मॉडल स्कूल के छात्रों ने वैज्ञानिक सोच को देश को आगे ले जाने की आवश्यक्ता – वी के नामदेव
शाहपुर।।मॉडल स्कूल के बच्चों के लिये विज्ञान अमृता का हुआ आयोजन
खाली हाथों को घुमाया और हाथ में चेन प्रकट हो गई, हाथ घुमाते ही सौ का नोट हाथों में आ गया और जब एक विद्यार्थी ने उसे एक थैले में डाला तो वह पांच सौ का बन गया, कुछ इस प्रकार के तथाकथित चमत्कारों को बच्चों ने देखा तो वे आश्चर्य से भरे थे लेकिन मैंगलुरू कर्नाटक से आये डॉ नरेंद्र नायक ने इस प्रदर्शन को करते हुये इसके पीछे छिपे वैज्ञानिक तथ्यों को सामने रखा तो बच्चों में वैज्ञानिक समझ को आगे लाने में मदद मिली । राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली के द्वारा आयोजित वैज्ञानिक चेतना के कार्यक्रम विज्ञान अमृता में बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिये न्यूनलागत प्रयोगों का प्रदर्शन, भारत के अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ते कदम का पोस्टर , नाटिका तथा गीतों के माध्यम से प्रदर्शन किया गया । प्रयागराज से आमंत्रित डॉ ओ पी गुप्ता ने शून्य लागत प्रयोगों के माध्यम से दाब, ताप, जड़त्व, गुरूत्व ,घर्षण जैसे टॉपिक को रोचक तरीके से समझाया ।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री वी के नामदेव ने प्रयोगों में श्रेष्ठ प्रतिभागिता के आधार पर बच्चों को मैडल प्रदान किये । इस अवसर पर श्री नामदेव ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ाकर न केवल स्वयं बल्कि समाज और देश को आगे ले जाया जा सकता है । कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने इन गतिविधियों के आयोजन में सहयोग प्रदान किया ।
कार्यक्रम का आयोजन भारतसरकार के आजादी के अमृत महोत्सव -2 के अंतर्गत किया गया ।







