भगवान शिव के भव्य व्यक्तित्व का गुणगान है शिव पुराण – पं. सुखदेव शर्मा
*तपश्री आश्रम मे व्यास पीठ से बताई शिव पुराण की महिमा*
*जितेन्द्र निगम – चिचोली*
*क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक आस्था के केंद्र श्री तपश्री आश्रम में महाशिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष में सात दिवसीय संगीतमय शिव पुराण कथा एवं पार्थिव शिवलिंग पूजन कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को आयोजित भव्य शिवपुराण कथा में पं. सुखदेव शर्मा ने भक्तों को शिव पुराण के परिचय व प्रभाव से अवगत कराया। कथा व्यास ने कहा कि शिव पुराण में शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्विक विवेचन, रहस्य, महिमा व उपासना का वर्णन है। इसमें इन्हें पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है।*
*शिव-महिमा के अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान व शिक्षाप्रद कथाओं का सुंदर संयोजन और भगवान शिव के भव्यतम व्यक्तित्व का गुणगान है। शिव जो स्वयंभू हैं, शाश्वत हैं, सर्वोच्च सत्ता है, विश्व चेतना हैं और ब्रह्मांडीय अस्तित्व के आधार हैं। सभी पुराणों में शिव पुराण को सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण होने का दर्जा प्राप्त है। इसमें भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिग, भक्तों और भक्ति का विशुद्ध वर्णन किया गया है। सभी पुराणों में शिव को त्याग, तपस्या, वात्सल्य तथा करुणा की मूर्ति बताया गया है। किन्तु ‘शिव पुराण’ में शिव के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शिव पुराण कुल 12 भागों में बंटा हुआ है। इस पुराण में 24000 श्लोक 261 अध्याय है इसके क्रमश: विद्येश्वर संहिताच, रुद्र संहिता, कोटिरुद्र संहिता, उमा संहिता, कैलाश संहिता, वायु संहिता नाम से छह खंड हैं। पुराण के पहले संहिता में शिवपुराण की महिमा, का वर्णन किया है उन्होंने आगे बताया कि शिव पुराण का श्रवण करने वाले जीवो को सतपुरुषो की निंदा से बचना चाहिए सत्य दया और उदारता का नित्य पालन करना चाहिए!*
*नगर के प्रसिद्ध प्राचीन धार्मिक आस्था का केंद्र श्री तपश्री आश्रम में शिव पुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है जिसमें व्यासपीठ से पंडित सुखदेव शर्मा द्वारा शिव पुराण कथा का वाचन दोपहर 1:00 से 4:00 तक किया जा रहा है इसके पूर्व रोजाना सुबह 8: बजे से 10 बजे तक पार्थिव शिवलिंग अभिषेक पूजन किया जा रहा है. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री तपश्री आश्रम पहुच रहे है!*







