हिंसा को छुपाना ही नई हिंसा को जन्म देना है – डॉ बाणकर

**महिला हिंसा एवं लैंगिक समानता पर कार्यशाला का आयोजन**

शासकीय कालेज में राष्ट्रीय सेवा योजना और चर्च ऑक्सीलिरी फॉर सोशल एक्शन (कासा) के संयुक्त तत्वाधान में महिला हिंसा एवं लैंगिक समानता पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान घरेलु हिंसा को रोकने के लिए सभी को जागरूक होकर एकजुट होने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कालेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ संजय बाणकर ने बताया कि

किसी भी प्रकार की हिंसा होने पर हिंसा की जानकारी अपने माता-पिता को तुरंत बतावे एवं हिंसा गंभीर होने पर पुलिस की मदद लें क्योंकि किसी हिंसा को छुपाना ही नई हिंसा को जन्म देना होता है। कासा के राज्य समन्वयक राजेंद्र चौधरी ने छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराते हुए कहा कि महिलाओं को हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने एवं खुद को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं को महिला संबंधित शिकायत एवं अन्वेषण प्रकोष्ठ संबंधित कानूनी जानकारी दी। कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए

आइक्यूएसी समन्वयक डॉ शीतल चौधरी ने कहा कि शारीरिक हिंसा से ज्यादा मानसिक हिंसा कष्टदायक होती है अतः अपने व्यवहार में भी महिलाओं के प्रति सम्मान व शिष्टाचार का भाव रखना चाहिए।कार्यक्रम में रासेयों कार्यक्रम प्रभारी प्रो ज्योति वर्मा एवं कासा की लक्ष्मी जैरिया ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महिला हिंसा से संबंधित प्रश्न भी किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ सचिन नागले, डॉ देवेंद्रकुमार रोडगे, प्रो राकेश हनाते, प्रो चंद्रकिशोर बगमरे, प्रो आजाबराव इवने, डॉ नितेश पाल, डॉ सुभाष वर्मा, जयंत मिश्रा, प्रो राजेंद्र ठाकुर रितेश सराठे, महेन्द्र सिंह वर्मा सहित 148 विद्यार्थी उपस्थित थे।