बुधवार को नगर के युवा पवन जैन का होगा दीक्षा समारोह

*बुधवार को नगर के युवा पवन जैन का होगा दीक्षा समारोह*

*चिचोली के पवन जैन आचार्यश्री से दीक्षा लेकर बनेंगे मुनि*

*आचार्य विशुद्ध सागरजी के सत्संग से भावविभोर हुआ नगर*
*****************************
*जितेन्द्र निगम -चिचोली*

*नगर मुख्यालय पर सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित किये जा रहे दिव्य और भव्य पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव मे प्रतिदिन सुबह के समय पूजा अर्चना पश्चात दोपहर में प्रवचन और फिर सायंकाल में महाआरती के बाद सामाजिक गतिविधियों पर आधारित शानदार नाटिकाऐं प्रस्तुत की जा रही हैं।*
*धार्मिक अनुष्ठान आयोजन के चौथे दिन मंगलवार 3 जनवरी को आचार्य मुनिश्री विशुद्ध सागरजी महाराज ने धर्म सभा में मौजूद धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए कहा कि अग्नि का धर्म है दहन करना. इसलिए अज्ञानी अग्नि मे जलता हैं और ज्ञानी निखरता हैं तथा सोना कुंदन बन जाता हैं. आचार्य श्री ने आगे कहा कि हे ज्ञानियों..जो विकृत होता हैं उसे बदल दिया जाता हैं . इसलिए आपको अगर उन्नति चाहिए तो विकृति को बदलना जरूरी है . स्थान को प्राप्त करके उसे सुरक्षित रखना पुरुषार्थ है . जितने लोग उच्च स्थान पर गए हैं वे सभी शून्य से होकर ही गए हैं. आचार्य श्री ने बताया कि हे ! मित्र नीचे का आसन छोड़ोगे तभी आपको ऊपर का आसन प्राप्त होगा . आंखों की काली पट्टी हटाने से ही मंदिर में भगवान दिखेंगे. अशुभ क्रिया अशुभ ही होती हैं .पापो में लिप्त पुरुष कितने ही पुण्य कर लें,वह पापी ही कहलाता है.*
*आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज ने श्रोताओं से प्रश्न किया कि बताओ कि रावण ने सीता को जाना या रावण ने सीता को देखा ? लंकेश.. जानकी को जान लेता तो अपनी जान नही देता. इसलिए बेटियों आप रावण को मत देखना . क्योंकि देखने वालों के ही टुकड़े होते हैं . बड़ी-बड़ी पोथियों को पढ़ने वाले नारी का हरण करते हैं और अनपढ़ व्यक्ति ब्रम्हचर्य का पालन करते हुए संत बन जाते हैं .भगवान का जन्म विदेश मे नही हमारे भारत देश मे ही हुआ है . जैसे श्रीराम का अयोध्या में, श्री कृष्ण का मथुरा मे , जहाँ गाय और शेर एक ही घाट में पानी पीते हैं वहाँ भगवान महावीर का जन्म हुआ. ऐसी हमारी पावन भारत भूमि है. जहाँ सभी का उदय होता हैं वहीं सर्वोदय हैं. समाज,शासन,धर्म की सेवा बहुत कर चुके अब कुछ ऐसा करो कि यह जग आपको हमेशा याद करें . जो मुझे दिख रहें हैं वो जानने वाले लोग नहीं हैं और जो दिख नहीं रहे वे जानने वाले लोग हैं . रूप और स्वरूप में अंतर है. घड़े के चक्कर में किसी की बली मत दे देना. भाग्य भी कोई वस्तु है. भाग्य में होगा तो पत्थर भी सोना हो जाऐगा और भाग्य में नहीं होगा तो सोना भी पत्थर हो जाऐगा.*
*चिचोली के अहिंसा परिसर चौक में चल रहे भव्य पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजन के पांचवे दिन बुधवार 4 जनवरी को आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी पूरे विधि विधान के साथ मंत्रोच्चार से मुख्य कार्यक्रम स्थल धर्म पंडाल में नगर निवासी पवन जैन को दीक्षा दिलवाऐंगे. अवसर पर यहाँ भव्य दीक्षा समारोह होगा. आचार्यश्री से दीक्षा लेते ही नगर के पवन जैन अपना सर्वस्व त्याग कर निर्वस्त्र होकर मुनी बन जाऐंंगें और आचार्यश्री के संघ में 23 वें मुनी के रूप में शामिल होंगे.*