महाविद्यालय शाहपुर में “गणित विषय में अनुसंधान के नए आयाम” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ भव्य आयोजन

 

*राष्ट्रीय गणित दिवस पर शाहपुर कॉलेज में नेशनल सेमिनार का आयोजन*

*वक्ताओं ने गणित विषय में संभावनाओं को किया रेखांकित*

सरकारी कॉलेज शाहपुर में राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य पर गुरुवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार विषय “गणित विषय में अनुसंधान के नए आयाम ” का आयोजन विश्व बैंक परियोजना के अधीन मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन परियोजना के अन्तर्गत हाइब्रिड मोड में किया गया। सेमिनार का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. डी. वाघमारे के नेतृत्व में किया गया। सेमीनार का उद्देश्य छात्रों के बीच गणित विषय में अनुसंधान को लोकप्रिय बनाना, इसके महत्व पर जोर देना और उन्हें गणित के रुझानों से अवगत कराना था। कार्यक्रम की रूप रेखा बताते हुए सेमीनार की संयोजक प्रो. ज्योति वर्मा ने सेमिनार की शुरुआत की। स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. डी. वाघमारे ने समस्त अतिथियों का स्वागत किया और सेमीनार को सफल बनाने के लिए महाविद्यालय की पूरी टीम को साधुवाद के साथ साथ शुभकामनाये भी दी| उद्घाटन सत्र के पश्चात सेमीनार के प्रथम वक्ता डाॅ. खुशाल देवघरे,जयवंती हाॅक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल ने श्रीनिवास रामानुजन एवं गणित के क्षेत्र में उनके कार्यो पर गूगल मीट के माध्यम से प्रकाश डाला | सेमीनार के द्वितीय वक्ता डॉ. सुनील दादारावजी बागडे,गोंडवाना यूनिवर्सिटी, गढ़चिरौली, महाराष्ट्र ने लाइव जुड़कर “गणित विषय में अनुसंधान के नए आयाम” के बारे में जानकारी दी एवं कहा कि गणित एक महत्वपूर्ण साधन है। गणित के क्षेत्र में आज करियर के और भी कई विकल्प हैं। गणित में स्नातक, स्नातकोत्तर पूरा करने के बाद, सांख्यिकी,इंजीनियरिंग, भौतिक विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, बीमा, अर्थशास्त्र जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करियर की व्यापक संभावनाएं हैं। विविध क्षेत्र के इस विषय में छात्रों की रुचि पैदा करने के लिए, शिक्षकों को विषय में छात्रों की रुचि पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। हम कैसे पढ़ाते हैं, इसकी फिर से कल्पना करने, छात्रों को शामिल करने और उन्हें चौकस रखने का यह सही समय है। सेमिनार के अंतिम वक्ता प्रो. शुभम नामदेव, राजा भोज शासकीय महाविद्यालय कटंगी, बालाघाट ने कहा की गणित सिर्फ संख्याओं का विज्ञान नहीं है; यह दिमाग में तर्क, समझ और आलोचनात्मक सोच की आदत को बसाने का एक तरीका है। पूरी दुनिया में, गणित,भौतिकी,रसायन विज्ञान, वास्तुकला और डिजाइनिंग, व्यवसाय, लेखा परीक्षा, सी ए, वाणिज्य, चिकित्सा आदि जैसे क्षेत्रों की विविधता में एक प्रमुख साधन के रूप में कार्यरत है। गणित के विभिन्न क्षेत्रों में अद्वितीय अनुप्रयोग हैं। सभी वक्ताओं ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनकी समस्यों का समाधान किया है| सेमीनार के अंत में महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसमे प्रथम पुरस्कार चंचल ठाकुर दूसरा विशाल वर्मा एवं तृतीय पुरूस्कार अमन मालवीय ने हासिल किया | समापन समारोह में पुरस्कार वितरण के बाद डॉ. देवेन्द्र कुमार रोडगे, फैकल्टी हेड साइंस के द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन एवं मंच का संचलान डॉ. मीनाक्षी ठाकुर के द्वारा किया गया| कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. संजय बाणकर, डॉ. शीतल चौधरी, डॉ. पवन सिजोरिया, डॉ. नितेश पाल, डॉ. ओम. झा, प्रो. अजाबराव इवने, प्रो. सी. के. बाघमारे, डॉ. सचिन कुमार नागले, प्रो. राजेंद्र ठाकुर, प्रो. अलकेश सोनारे, जयन्त मिश्रा, मनीराम उइके, विश्वनाथ धाडसे,अमित यादव एवं अन्य समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सेमीनार में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन लगभग 380 लोगो ने सहभागिता की|