राष्ट्रीय मंच पर छाया एसआईएफ बैतूल
16वें राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. संदीप गोहे ने पुरुष अधिकार और प्रोस्टेट कैंसर पर रखा पक्ष
बैतूल। विशाखापट्टनम में 14 और 15 अगस्त को सेव इंडियन फैमिली (एसआईएफ) आंदोलन का 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। देशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने पुरुष अधिकार, परिवार कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य और पुरुषों से जुड़े स्वास्थ्य विषयों पर मंथन किया। सम्मेलन में बैतूल के एसआईएफ की वर्षभर की सामाजिक गतिविधियों को भी राष्ट्रीय मंच मिला। संगठन के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. संदीप गोहे ने पुरुष अधिकारों के साथ प्रोस्टेट कैंसर जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषय पर भी अपना पक्ष रखा।
दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से पुरुष अधिकार, परिवार कल्याण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में काम कर रहे प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए। पुरुष अधिकार, पारिवारिक विवाद, पुरुष मानसिक स्वास्थ्य, झूठे एवं निराधार मामलों से उत्पन्न चुनौतियां, परिवार संरक्षण और पुरुष स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न अध्यायों के प्रतिनिधियों ने वर्षभर किए गए कार्यों और अपने अनुभव भी साझा किए।
सम्मेलन में विवाह और पारिवारिक विवादों के दौरान झूठे या निराधार मामलों के आरोपों से प्रभावित पुरुषों और उनके परिवारों की समस्याओं पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे मामलों का असर माता-पिता, बच्चों और पूरे परिवार को मानसिक तनाव, सामाजिक दबाव और आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में शिकायत और आरोपों की निष्पक्ष जांच, उचित कानूनी प्रक्रिया तथा प्रत्येक व्यक्ति को समान न्याय का अधिकार मिलना जरूरी है।
एसआईएफ की ओर से प्रभावित पुरुषों और परिवारों को जागरूकता, परामर्श और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयासों की जानकारी भी दी गई। साथ ही यह संदेश दिया गया कि कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति अकेला न रहे और समय रहते उचित सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त करे।
राष्ट्रीय सम्मेलन में एसआईएफ बैतूल की वर्षभर की गतिविधियों और सामाजिक अभियानों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। पुरुष मानसिक स्वास्थ्य, परिवार परामर्श, आत्महत्या रोकथाम जागरूकता, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय मंच पर साझा की गई।
एसआईएफ बैतूल के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. संदीप गोहे ने सामाजिक संगठन की सफलता की कहानी और पुरुष अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ की राय’ विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने एसआईएफ बैतूल की यात्रा, वर्षभर की प्रमुख गतिविधियों, सामाजिक अभियानों तथा पुरुषों और परिवारों के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
डॉ. संदीप गोहे ने पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़े प्रोस्टेट कैंसर विषय पर भी विशेष प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के प्रति जागरूकता, स्वास्थ्य के प्रति सजगता और समय पर चिकित्सकीय सलाह एवं जांच के महत्व पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पुरुष अधिकारों की चर्चा सामाजिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पुरुषों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
सम्मेलन में परिवार की मजबूती, बच्चों के हित, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ पारिवारिक संबंधों पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पारिवारिक विवादों में जहां संभव हो, संवाद, परामर्श और उचित मार्गदर्शन से समाधान तलाशना चाहिए। वहीं, जहां कानूनी प्रक्रिया जरूरी हो, वहां सभी पक्षों के अधिकार और गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।
डॉ. संदीप गोहे ने कहा कि पुरुषों की समस्याओं पर बात करना किसी के विरुद्ध खड़ा होना नहीं है, बल्कि समाज में संतुलन, न्याय, मानसिक स्वास्थ्य और परिवार की मजबूती के लिए आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एसआईएफ बैतूल पुरुष मानसिक स्वास्थ्य, पुरुष स्वास्थ्य, परिवार संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगा।
एसआईएफ बैतूल की ओर से पुरुषों और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए पुरुष सहायता हेल्पलाइन के माध्यम से प्रारंभिक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरतमंद व्यक्ति या परिवारजन 8882498498 पर संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन पर देशभर से आए प्रतिनिधियों ने सामाजिक जागरूकता, पुरुष मानसिक स्वास्थ्य, परिवार संरक्षण और न्याय के क्षेत्र में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।