*विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके ने उठाई मांग: शासकीय आईटीआई शाहपुर का हस्तांतरण न किया जाए*
*आईटीआई शाहपुर को पीपी मोड में देने का विरोध, विधायक ने मंत्री को लिखा पत्र*
—
*बैतूल* घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके ने शासकीय आईटीआई शाहपुर का संचालन परम फाउंडेशन को हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री गौतम टेटवाल को पत्र लिखकर इस संस्थान को पूर्ववत शासकीय व्यवस्था के अधीन ही रखने की मांग की है।
विधायक ने 03.08.2026 को लिखे पत्र में कहा कि घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बहुल है और शासकीय आईटीआई शाहपुर ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का महत्वपूर्ण संस्थान है। वर्तमान में यहां 6 ट्रेड – इलेक्ट्रीशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, वेल्डर, फिटर, मैकेनिकल डीजल एवं ड्रोन टेक्नीशियन संचालित हैं। इनमें 3 ट्रेड एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त हैं। संस्थान में कुल 208 प्रशिक्षणार्थी अध्ययनरत हैं और संस्था की डीजीईटी रेटिंग 9.8 है।
श्रीमती उईके ने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों में आईटीआई के हस्तांतरण को लेकर चिंता है। यदि इसका संचालन शासकीय व्यवस्था के अंतर्गत रहेगा तो विद्यार्थियों के हित, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं शासन की जवाबदेही सुनिश्चित रहेगी।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय आईटीआई घोड़ाडोंगरी का संचालन पहले ही परम फाउंडेशन को हस्तांतरित किया जा चुका है। ऐसे में शाहपुर आईटीआई को भी हस्तांतरित करना क्षेत्र के युवाओं के साथ अन्याय होगा।
विधायक ने मंत्री से आग्रह किया है कि जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शासकीय आईटीआई शाहपुर का हस्तांतरण परम फाउंडेशन को न किया जाए तथा इसका संचालन पूर्ववत मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग के अधीन ही जारी रखा जाए।