अर्जी वाले हनुमान मंदिर समिति ने किया तप श्री कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत

 

बैतूल। भगवान भोलेनाथ की भक्ति, आस्था और सेवा के अद्भुत संगम तप श्री कांवड़ यात्रा का बैतूल पहुंचने पर अर्जी वाले हनुमान मंदिर समिति, मोती वार्ड द्वारा भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया।

धोधरा घाट से प्रारंभ होकर लगभग 120 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे तप श्री क्लब के कांवड़ियों का मंदिर समिति द्वारा श्रद्धा एवं उत्साह के साथ स्वागत कर फलाहार करवाया गया तथा सभी कांवड़ियों को नारियल भेंट किए गए। कांवड़ियों के आगमन पर समिति एवं श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।

यह कांवड़ यात्रा लगातार 25 वर्षों से श्रद्धा एवं आस्था के साथ निकाली जा रही है। विगत कई वर्षों से अर्जी वाले हनुमान मंदिर समिति द्वारा कांवड़ियों का स्वागत एवं सेवा-सत्कार किया जा रहा है।

तप श्री क्लब चिचोली द्वारा आयोजित यह कांवड़ यात्रा भक्ति के साथ-साथ सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता का संदेश दे रही है।

इस अवसर पर तप श्री क्लब चिचोली के धार्मिक सेवा मंडल से विजय राठौर, पप्पू राठौर, राजू कनाठे, विजय डिगारसे, राजेश सोनी, श्याम राठौर, शुभम तायवाड़े, धीरज सोनी एवं अंकित आर्य सहित सैकड़ों कांवड़िए उपस्थित रहे।

वहीं अर्जी वाले हनुमान मंदिर समिति की ओर से कपिल वर्मा, बाबा मकोड़े, संजू चिंचोले, बंडू धोटे, मनीष मिसर, नितिन मिश्रा, महेश यादव, लक्ष्मण पाटणकर, प्रवीण यादव, कुणाल शर्मा, सोनू मिश्रा, मातृशक्ति सहित अन्य श्रद्धालु एवं सेवाभावी कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

समिति पदाधिकारियों ने कहा

अर्जी वाले हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष कपिल वर्मा ने कहा कि “तप श्री कांवड़ यात्रा से जुड़कर कांवड़ियों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य और पुण्य का अवसर है। भगवान भोलेनाथ की भक्ति में निकले कांवड़ियों का स्वागत एवं सेवा करना हमारी समिति की आस्था और परंपरा का हिस्सा है।”

समिति सदस्य मनीष मिसर ने कहा कि “25 वर्षों से लगातार निकाली जा रही यह कांवड़ यात्रा क्षेत्र में आस्था और सनातन संस्कृति का संदेश दे रही है। कांवड़ियों की सेवा महादेव की सेवा के समान है। समिति भविष्य में भी इसी श्रद्धा और समर्पण के साथ कांवड़ियों का स्वागत एवं सेवा करती रहेगी।”

कांवड़ियों की सेवा ही महादेव की सेवा है।

कंधों पर कांवड़, हृदय में महादेव और जुबां पर हर-हर महादेव… यही है आस्था की शक्ति।

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