सारनी— राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर में मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग (भोपाल) और संस्कार भारती सारनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य महानाट्य ‘युगप्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार: संघ सृजन’ का सारनी में सफल मंचन 27 जुलाई को नया समाज कल्याण केंद्र के सभागार में शाम 06:30 बजे से आयोजित किया गया, जिसमें भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और आम जनमानस अपने परिवारों के साथ उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम में पद्मश्री मोहन नागर (प्रदेश उपाध्यक्ष, जन अभियान परिषद) , डॉ. योगेश पंडाग्रे विधायक आमला सारनी मोतीलाल कुशवाह प्रांतीय महामंत्री, मध्य भारत प्रांत, घोडाडोंगरी
विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके, मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख के साथ ही नगर पालिका परिषद सारनी के अध्यक्ष किशोर बरदे , केकडी पंचायत जिला सिवनी के सरपंच जितेन्द्र गौतम और संजय , विक्रमपुर पंचायत की सरपंच श्रीमति यशोदा मर्सकोले ,आयोजन समिति के अध्यक्ष बृजमोहन सहगल, प्रदेश महामंत्री हरिओम कुशवाहा, पत्रकार बंधुओ साहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे । नादब्रह्म संस्था (नागपुर) की शानदार प्रस्तुति संघ के आद्य सरसंघचालक डॉ. केशवराव बळिराम हेडगेवार के जीवन और संघ स्थापना के संघर्षों पर आधारित इस महानाट्य में संघ संस्थापक डाक्टर हेडगेवार के जीवन चरित्र, कुशल नेतृत्व, संगठन निर्माण , सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति के प्रेरक प्रसंगों का कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया गया। नागपुर की प्रसिद्ध ‘नादब्रह्म संस्था’ द्वारा किया गया था। नाटक के मुख्य सूत्रधारों में शामिल रहे। संरक्षक: रवि भुसारी (ज्येष्ठ प्रचारक,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
निर्माता: पद्माकर धानोरकर
लेखक: अजय प्रधान
निर्देशक (दिग्दर्शक): सुबोध सुर्गीकर, संगीत: शैलेश दाणी ने दिया। समाज जागरण का यह अनूठा प्रयास सभागार भरा रहा।आयोजन समिति के सचिव अंबादास सूने ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत संस्कार भारती समाज को जागृत करने के लिए देश भर में लगातार ऐसे सांस्कृतिक और वैचारिक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। संस्कार भारती बैतूल के महामंत्री योगेन्द्र ठाकुर के विशेष आह्वान पर सारनी, बगडोना, पाथाखेड़ा, शोभापुर , बैतूल, आमला,मुलताई सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों और पूरे जिले से लोग इस राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत नाटक को देखने पहुंचे, जिससे पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के नारों से गुंजायमान हो उठा।