ईशारों की दुनियां ने सैनिकों के लिए बनाई 30 मिनट में 492 तिरंगा राखियां
डीईओ और डीपीसी ने की सराहना, राष्ट्र रक्षा मिशन ने किया पुरस्कृत
भारत-चाईना बार्डर पर तैनात जवानों की कलाई पर बांधी जाएगी राखियां
बैतूल। उनके पास बातें भी है और भावनाएं भी पर शब्द नहीं थे..लेकिन ईशारों की इस दुनियां का नजारा कुछ अलग था। रेशमी धागों में तिरंगे के तीन रंगों के मोतियों को पिरोने की प्रतिस्पर्धा संभवत: पहली बार हुई थी। यह धागे नहीं राखियां थी जो सीडब्लयूएसएन बालिका छात्रावास सदर की बालिकाएं बड़े उत्साह से बना रही थी। महज आधे घंटे में इन बालिकाओं ने 492 राखियां बना दी। जब बालिकाओं को छात्रावास की अधीक्षिका ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई राखियां सरहद पर तैनात जवानों को बांधी जाएगी तो वे भी गर्व से भर उठी।
जिले की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा कार्यों में अग्रणी बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के राष्ट्र रक्षा मिशन का 27वां पड़ाव इस बार भारत चाईना बार्डर माना में होगा। यहां 28 एवं 29 अगस्त को समिति का राष्ट्र रक्षा मिशन दल सैकड़ों जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी हौसला अफजाई करेगा। इसके पूर्व जिले में तिरंगा राखियां बनाने एवं भेंट करने का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया है। बुधवार 12 अगस्त को इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर सीडब्लयूएसएन बालिका छात्रावास सदर में मूकबधिर दिव्यांग बालिकाओं ने सैनिकों के लिए राखियां बनाई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकड़े एवं डीपीसी सुधीर कुमार साकेत भी बालिकाओं का उत्साह बढ़ाने छात्रावास पहुंचे। सर्वाधिक राखियां बनाने वाले तीन दलों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल से सम्मानित किया गया। समिति अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम ने समिति द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष जमुना पंडाग्रे, छात्रावास अधीक्षक प्रीति फाटे, एपीसी अरुणा साहू, समिति सदस्य प्रचिति कमाविसदार, छाया प्रजापति, सरिता अतुलकर, प्रिया सुनारिया, नीलम गंगारे, सोनम गंगारे, कमलती चौहान, उषा अतुलकर, लता नागले मौजूद थी।
आपमें दिव्यांगता जरा सी है लेकिन पावर असीम है- डीपीसी
इस अवसर पर डीपीसी सुधीर कुमार साकेत ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों ने बहुत ही सुंदर राखियां बनाई और उनके द्वारा बनाई गई यह राखियां उत्तराखंड के अंतिम ग्राम एवं भारत-चीन सीमा माना में तैनात सैनिकों को बैतूल से बार्डर जा रही बहनों के द्वारा बांधी जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी वे दो बार सीडब्लयूएसएन बालिका छात्रावास सदर का निरीक्षण कर चुके है, उन्होंने कहां जो भी कमिया छात्रावास में है उसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बालिकाओं का काम सिर्फ पढऩा है बाकी सभी जिम्मेदारी उनकी है। बालिकाओं द्वारा इस दौरान प्रस्तुत कार्यक्रमों को भी उन्होंने सराहा।
बालिकाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता जरूरी-डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकड़े ने बालिकाओं से चर्चा करते हुए उन्हें अच्छे से पढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रावास में भोजन सहित स्टाफ के व्यवहार के संबंध में बालिकाओं से सवाल किए। इस दौरान अधिकारी द्वय ने छात्रावास का निरीक्षण किया। पानी टपकने एवं सीलन की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उन्होंने अधीक्षिका को बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल बनाने के लिए निर्देशित किया। उद्बोधन में उन्होंने राष्ट्र रक्षा मिशन एवं समिति के कार्यों की सराहना की।