संविधान के जानकार ही कर रहे राष्ट्रध्वज के सम्मान की अवहेलना
स्वतंत्रता दिवस पर डाकघर के जिम्मेदार अधिकारी का कार्यालय नहीं पहुंचाना डाक विभाग के साथ-साथ घोड़ाडोंगरी नगर को भी शर्मसार कर रहा है।
घोड़ाडोंगरी डाकघर का मुख्य अधिकारी ध्वजारोहण करने नहीं पहुंचा तो उससे घोड़ाडोंगरी नगर जिसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है यहां का नाम शर्मसार नहीं हुआ होगा।
घोड़ाडोंगरी नगर परिषद में स्वतंत्रता दिवस के दिन बड़ा ही शर्मनाक वाकया सामने आया जब तहसील मुख्यालय घोड़ाडोंगरी डाकघर के पोस्ट मास्टर महोदय ध्वजारोहण करने कार्यालय पहुंचे ही नहीं और ऐसी स्थिति में डाकघर की महिला कर्मचारी द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
जब पूरा देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मना रहा है हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से आजादी के इस त्यौहार को मनाया जा रहा है। रेलिया निकालकर आजादी के उत्सव को सेलिब्रेट किया जा रहा है ।15 अगस्त को आजादी का उत्सव मनाने नन्हे मुन्ने बच्चे तक सुबह से तैयार होकर अपने स्कूल जा रहे हैं हर कार्यालय का प्रभारी बड़े ही शान से अच्छे कपड़े पहन कर पूरी जिम्मेदारी के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने की खुशी से गौरांवित होते हुए अपने कार्यालय जा रहा है ।
केंद्र सरकार के डाक विभाग में मुख्य जिम्मेदार अधिकारी का देश के राष्ट्रीय पर्व पर उपस्थित नहीं रहना नगर वासियों को शर्मसार कर रहा है। क्या इस तरह की खबरें जब पूरे क्षेत्र में जिले में प्रदेश में पहुंची होगी की घोड़ाडोंगरी डाकघर का मुख्य अधिकारी ध्वजारोहण करने नहीं पहुंचा तो उससे घोड़ाडोंगरी नगर जिसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है यहां का नाम शर्मसार नहीं हुआ होगा।
क्या कुछ लोग का उद्देश्य केवल पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी पाने तक सीमित रह जाता है संविधान एवम देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान नाम की चीज खत्म हो जाती है। ऐसे कई प्रश्न तो खड़े हो गए हैं साथ ही राष्ट्रीय त्योहार पर आजादी की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता दिवस पर डाकघर के जिम्मेदार अधिकारी का कार्यालय नहीं पहुंचाना डाक विभाग के साथ-साथ घोड़ाडोंगरी नगर को भी शर्मसार कर रहा है। केंद्र सरकार के अधीन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही जब इस तरह स्वतंत्रता दिवस पर कार्यालय में नहीं पहुंच रहे तो नगर के नेताओं का जनता की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों पर लगाम लगाने के लिए और नगर को शर्मसार करने के लिए जिम्मेदार पर उचित कार्यवाही के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए जिससे ऐसे लापरवाह लोगों को कुछ सीख मिले।