हमेशा अपने इष्ट के प्रति सजग रहो,राधे-राधे-बाल प्रभु
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*जितेन्द्र निगम – चिचोली*

नगर के तपश्री स्टेडियम में व्यास पीठ से तीसरे दिन की कथा का उपस्थितजनो को रसास्वादन कराते हुए बालप्रभुजी महाराज कहते हैं कि हमें अपने इष्ट के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए,हम जिसको मानते हैं,पूजते हैं,आराधना करते हैं उनकी ही पूरी निष्ठा से उपासना करना चाहिए,अपने घरों में देवी देवताओं की प्रतिमा व फोटो रूद्र रूप वाली नहीं लगाना चाहिए इससे घर में अशांति रहती हैं।उन्होंने आगे कहा कि इस संसार में कुछ भी नहीं हैं जो धर्म कर्म हमने कमाया है केवल वहीं हमारे साथ जाता हैं,जमा धन यहीं रह जाता हैं,,व्यास जी महाराज ने भागवत के प्रत्येक श्लोक में भगवान के साक्षात दर्शन करा दिये,अगर आपका भाव सच्चा हैं तो भागवत में ईश्वर के दर्शन आपको जरूर होंगे,भागवत् की कथा में भगवान के दर्शन होते हैं यैसी हैं भागवत् की कथा..सारी परेशानियों का निदान,,श्रीमद भागवत ग्रंथ का पूजन हीं हैं।
विदित हो नगर के श्रीतपश्री स्टेडियम में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा सत्संग के सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन समस्त बालप्रभु शिष्य परिवार चिचोली के माध्यम से किया जा रहा हैं,यहाँ पर शुक्रवार 7 अक्टूबर से कथा प्रवक्ता परम पूज्य श्री शैलेन्द्रानंद(बाल प्रभु)जी महाराज संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण जी की लीलाओं का सजीव वर्णन अपने मुखारविंद से सुना रहें हैं इस धार्मिक अनुष्ठान का भक्तिमयी समापन 14 अक्टूबर शुक्रवार को अंतिम दिन की कथा श्रवण कराने के बाद किया जाऐगा,पश्चात् यहाँ भोजन प्रसादी का विशाल भंडारा भी होगा।
यहाँ आयोजित किये जा रहे सात दिवसीय भागवत् कथा सत्संग के अनुष्ठान में प्रति दिन सुबह 7 बजे से प्रातः 11 बजे तक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं उनका रूद्र अभिषेक भक्तों के द्वारा किया जा रहा हैं इसके बाद दोपहर एक बजे से शाम 5 बजे तक संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा उपस्थित धर्मावलंबियों को श्रवण करवाई जा रहीं हैं,,कथा सत्संग का आज सोमवार को चौथा दिन हैं इस दिन यहाँ समाधी लीन सुखदेव मुनि को समाधी आसन से बाहर लाने की कथा सुनाई जाऐगी..राधे..राधे..।।







