*जल जन सेवा संकल्प यात्रा का बगडोना सारनी में भव्य स्वागत, मठारदेव बाबा मंदिर में किया पूजन, बाईकर्स का मंदिर परिसर में किया सम्मान*
_बगडोना से सारनी तक कई स्थानों पर बाइक सवार यात्रियों का पुष्प वर्षा से किया स्वागत, मठारदेव मंदिर परिसर में ढोल-ढमाकों के बीच किया स्वागत, पूजन, और भोजन के बाद छिंदवाड़ा जिले के लिए रवाना हुई यात्रा।_
सारनी। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत जल जन सेवा संकल्प यात्रा शुक्रवार 25 सितंबर को सारनी पहुंची। यहां बगडोना कॉलेज गेट पर पुष्पवर्षा के साथ यात्रियों का नगर प्रवेश कराया गया। जय स्तंभचौक पर भी यात्रियों का जोरदार स्वागत हुआ। यात्रियों ने मठारदेव मंदिर में पूजन के सम्मान किया। यात्रा छिंदवाड़ा जिले के लिए रवाना हो गई।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन बिजवे ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान 2026 देश वड़नगर गुजरात से वाराणसी उत्तरप्रदेश तक निकलने वाली जल जन सेवा संकल्प यात्रा विभिन्न मार्गों से होतु हुए सारनी नगरीय क्षेत्र में बगडोना में पहुंची। यहां नगर पालिका एवं अन्य संगठनों ने यात्रियों का भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात सारनी के जय स्तंभ चौक पर भी यात्रा का स्वागत हुआ। पुष्प वर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया गया। श्री मठारदेव बाबा तलहटी मंदिर पहुंची यात्रा का ढोल-ढमाकों के साथ सत्कार किया गया। आमला सारनी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे, नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, पार्षदगण, एल्डरमैन गण, सुधाकर पवार, गोलू राजपूत, विधायक प्रतिनिधि सुधा चंद्रा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने यात्रियों का माला पहनाकर स्वागत किया। मंदिर परिसर में पूजन के पश्चात मठारदेव मंगल भवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मान किया। भोजन के पश्चात यात्रियों का दल छिंदवाड़ा जिले की ओर रवाना हुआ। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर, एसडीएम प्रपंच आर. (आईएएस), तहसीलदार संध्या रावत, एसडीओपी प्रियंका करचाम, टीआई जयपाल इवनाती के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
*स्थानीय भोजन और प्राकृतिक सौंदर्य देखकर मन मोहा*
बाइकर्स को सारनी की प्राकृतिक छटा, सौंदर्य खूब भाया। स्थानीय भोजन शैली की भी उन्होंने तारीफ की। यात्रा रूट क्रमांक 1 के प्रभारी भावेश डोबरिया ने बताया कि भोजन व्यवस्था बेहतर रही। टेबल कुर्सी पर बैठकर भोजन करने का अलग ही आनंद रहा। उन्हें बाबा मठारदेव के चित्र भेंट कर विदा किया।