ससुन्दरा में नलों से पेयजल वितरण नहीं हो रहा है। लोगों को पेयजल के लिए अभी भी दूर-दूर जाना पड़ रहा

प्रमोद सूर्यवंशी

बैतूल। जिले में अब तक 14 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। जल स्त्रोतों में पानी की आवक भी हो चुकी है, इसके बावजूद ग्राम ससुन्दरा में नलों से पेयजल वितरण नहीं हो रहा है। लोगों को पेयजल के लिए अभी भी दूर-दूर जाना पड़ रहा है।

चार हजार की आबादी वाला ससुन्दरा गांव पानी कि समस्या से जूझ रहा है। पीने के पानी कि समस्या को देखते हुए सुबह पांच बजे से ही लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते हैं,लेकिन जिम्मेदारों पेयजल समस्या के निदान के लिये कोई उपाय नहीं किये जा रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह जल्दी उठकर पानी लेने के लिये आसपास क्षेत्र के कुएं-बावड़ियों ,2 किलोमीटर दूर हैंड पंप पर जाना पड़ रहा है। पानी लाने में अधिक समय लग रहा है, इसके कारण मजदूर वर्ग के काम-धंधे भी प्रभावित हो रहे है। ग्राम के गोलू देशमुख , पंडित पटेल ,पप्पू

बारस्कर, गणेश, गणपति विश्वकर्मा, रवि सोनारे,का कहना है कि पांच-छह माह गांव में नलों से पानी नहीं मिल रहा है। अब बारिश होने के बाद भी नल नहीं चलाए जा रहे हैं। ग्राम के गोलू देशमुख ने बताया कि यह आमला सारणी विधानसभा के विधायक ,योगेश पंडाग्रे, का ग्रह ग्राम होने के बाद भी ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो रहे हैं, ,सरकार के लाखों रुपए खर्च करने के बाद केवल ठेकेदार और अधिकारियों का भला हो रहा है। गांव वालों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा है। आज भी गांव वाले पानी के लिए मोहताज हैं।गांव वालों को बहुत दूर

से पानी लेकर आना पड़ता है। सरकार द्वारा गांव वालों की सुविधा के लिए लाखों रुपए नल जल योजना के तहत खर्च किए गए हैं। अधिकारियों ने भी यह नहीं देखा कि पानी की क्या व्यवस्था है । अधिकारियों ने सरकार के लाखों रुपए बर्बाद करने के लिए गांव में बड़ी सी पानी की टंकी बना डाली हर घर तक पाइप लाइन बिछाकर लोगों के घरों में नल लगा डालें लेकिन पानी का कहीं अता पता नहीं है ।
जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है ,