घोड़ाडोंगरी:- 30 जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त सोमवार को बाबा पशुपतिनाथ की पालकी यात्रा के साथ कावड़ यात्रा निकाल कर पिपलेश्वर महादेव को जल अर्पण कर जलाभिषेक के साथ पूरी तरह संपन्न हो चुकी है।
सावन मास के पावन अवसर पर आज नगर में भव्य और ऐतिहासिक पशुपतिनाथ की पालकी एवं कांवड़ यात्रा निकाली गई। नगर की प्रमुख नदी के तट से शुरू हुई इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िए शामिल हुए, जिससे पूरा नगर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। यात्रा की मुख्य बातें:भव्य स्वागत: नगर के प्रमुख चौराहों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा फूलों की बारिश कर कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया।
नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए यह यात्रा नगर के प्रसिद्ध पिपलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां कांवड़ियों ने भगवान शिव का पवित्र जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरी यात्रा शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुई।
नगर परिषद घोड़ाडोंगरी को पहले से अवगत कराने के बाद भी नगर की पवित्र नदी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जबकि सावन के महीने में कावड़ यात्रा भुजलिया इसके बाद महिलाओं का प्रसिद्ध त्योहार तीजा गणेश विसर्जन माता जी का विसर्जन सहित अन्य कई त्यौहार सनातन धर्म से जुड़े हुए है इसके बाद भी इस नदी पर ना ही नीचे उतरने की सुविधा है और ना ही कभी साफ सफाई की जाती है सरकार की ओर से स्वच्छता अभियान चलाया जाता है और फंड भी दिया जाता है उसके बाद भी नगर परिषद इस तरफ से मुंह मोड़ रही हैं