कलेक्टर ने बजवाई राष्ट्र रक्षा मिशन के लिए तालियां
विविएम के गरिमामय कार्यक्रम में सैनिकों के लिए भेंट की मिठाई-राखी-पाती
27 साल से सेना की हौसला अफजाई के लिए किया जा रहा प्रयास बहुत ही सराहनीय है। जिनकी वजह से हम सुरक्षित है। जो अपना सर्वस्व त्यागकर हमारी सुरक्षा के लिए सीमाओं पर तैनात है। उनके प्रति हमारा समर्पण हमारे भाव राखी के माध्यम से बैतूल जिले से राष्ट्र रक्षा मिशन के माध्यम से पहुंचते है यह खुशी और गर्व की बात है। यह बाते कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे ने विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के सरहदी दल के शुभयात्रा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहे। समिति संरक्षक हेमंत वागद्रे, मनीष दीक्षित, समाजसेवी मीरा एंथोनी, विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय के सभी संचालक विजय साबले, निर्गुण देशमुख, कमलेश गढ़ेकर, कृष्णा खासदेव, संजय बालापुरे, व्याख्याता उज्जवल पांसे प्रमुख रुप से मौजूद थे। कारगिल विजय के बाद से लगातार देश की अंतराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात सैनिकों के साथ रक्षा बंधन का पर्व बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा मनाया जा रहा है। 27वें वर्ष में समिति का दल भारत-चीन सीमा माना, गोचर,जोशीमठ एवं बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम पर तैनात आईटीबीपी के जवानों के साथ 28 एवं 29 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाएंगा। 25 अगस्त को दोपहर एक बजे से विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय परिवार द्वारा आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में 23 सदस्यीय दल को बैतूल से यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गई। राष्ट्र रक्षा मिशन-2026 के दल में राजस्थान से भी तीन सदस्य शामिल है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ सोनवणे ने 27 वर्षों से निर्बाध रुप से चल रहे राष्ट्र रक्षा मिशन के लिए संचालक गौरी बालापुरे पदम की सराहना करते हुए दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों से तालिया बजवाई और स्वयं भी ताली बजाकर पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी यात्रा को आयोजित करने में अथक प्रयास लगते है। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के कान्सेप्ट पर भी चर्चा की जिसमें बताया कि पहले जो गांव देश के अंतिम गांव कहलाते थे अब वह देश के पहले गांव के रुप में पहचाने जाते है। उन्होने माना, जोशीमठ क्षेत्र के अपने यात्रा अनुभव भी सुनाए। उन्होंने बताया कि सरहद के साथ एक धार्मिक यात्रा का भी अवसर सभी को मिला है सभी को यात्रा के लिए उन्होंने शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संरक्षक हेमंत वागद्रे ने कहा कि 27 साल से लगातार किसी मिशन को संचालित करना बैतूल के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होने बताया कि हर परिस्थिति में बैतूल बहने सरहद
पर पहुंची ह,ै इन्होंने कभी हार नहीं मानी। विविएम के अध्यक्ष विजय साबले ने कहा कि एक बार बैतूल की बेटियों का कॉलेज में अभिनंदन हो रहा है, इनका हौसला हम सभी को प्रेरित करता है। इस दौरान संचालक कमलेश गढ़ेकर ने चलते चलते गीत, प्रिया सुनारिया ने आरंभ है प्रचंड है और कमलती चौहान ने उड़ के पवन के रंग चलूंगी गीतों से समां बांधा। आभार संस्था के संरक्षक मनीष दीक्षित ने व्यक्त किया और संचालन समिति की अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम ने किया। इस वर्ष राष्ट्र रक्षा मिशन दल में गौरी बालापुरे पदम, जमना पंडाग्रे, वंश पदम, अरुण सूर्यवंशी, नीलेश उपासे, प्रचिति कमाविसदार, छाया प्रजापति, उषा अतुलकर, सरिता अतुलकर, उषा देशमुख, लता नागले, प्रिया सुनारिया, प्रदीप निर्मले, नीलम गंगारे, सोनम गंगारे, डॉली नारे, रीना अतुलकर, पंडरीनाथ पंडागे्र, कमलती चौहान, पलक चौहान, पूर्वी चौहान, वंदना देशमुख सहित राजस्थान से आशा, कपिल, आरव कच्छवाह राष्ट्र रक्षा मिशन में सहभागी बनेगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव भारत सिंह पदम,हर्षित पंडाग्रे सहित विवेकांनद
विज्ञान महाविद्यालय के स्टाफ का सहयोग रहा।
यह है राष्ट्र रक्षा मिशन के साक्षी और सहयोगी
कार्यक्रम में डॉ कैलाश वर्मा समन्वयक गायत्री परिवार बैतूल, विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय बैतूल, डॉ संतोष जैसवाल अध्यक्ष लायंस क्लब बैतूल(लायंस, अमिगोस, लियो क्लब), समाजसेवी धीरज बोथरा, धीरज हिराणी, अनिल खवसे, सीए प्रदीप खण्डेलवाल, सृजन साहित्य कुंज, डॉ माधवी ठाकुर वनिता समाज, कविता मालवीय राष्ट्रीय युवा हिन्दू वाहिनी बैतूल, शासकीय अस्थि बाधित दिव्यांग आश्रम शाला बैतूल, बैतूल म्यूजिकल फीमेल गु्रप बैतूल, कार्मल पब्लिक स्कूल बैतूलबाजार, बबीता राठौर, निरंजन सोनारे, माधुरी पुजारे, ललिता मानकर, चन्द्रप्रभा चौकीकर, सहित अन्य सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा भेंट की गई। यह दल 3 सितंबर को जोशीमठ, बद्रीनाथ, माना, गोचर, केदारनाथ बार्डर तीर्थ यात्रा कर बैतूल लौटेगा।