घर से सरहद तक राष्ट्र रक्षा मिशन बार्डर जाने से पहले वायु सैनिकों के साथ मनाया रक्षाबंधन

 

त्यौहार के पहले बहनों को देख खुश हुए जवान, कलाई पर बंधवाई तिरंगा राखी

सेना के जवान बहुत कम त्यौहार अपने परिवार के साथ मना पाते है, फिर चाहे वह होली हो या दीपावली या फिर रक्षाबंधन, लेकिन जिस तरह से बैतूल की इस संस्था द्वारा पहल की है वह सराहनीय है। इस तरह के प्रयास जवानों का हौसला बढ़ाते है। यह बाते वासुसेना आमला के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रंजीत जी ने उस दौरान कही जब बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति का राष्ट्र रक्षा मिशन 2026 का 25 सदस्यीय दल आज वायु सैनिकों के साथ रक्षाबंधन मनाने आमला पहुंचा। एक गरिमामय कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष गौरी बालापुरे के नेतृत्व में 25 सदस्यीय दल ने रक्षा बंधन के तीन दिन पहले 24 अगस्त को आधा सैकड़ा से अधिक वायु सैनिकों को रक्षा सूत्र बांधे। इस दौरान एओसी महेश जी एम्ई आमला एअर फोर्स स्टेशन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए समिति द्वारा रक्षा बंधन के पर्व को यादगार बनाने हेतु एक स्मृति चिन्ह मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी एवं संस्था के ऑटो एम्बुलेंस सेवा प्रकल्प के आमला संयोजक मनोज विश्वकर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर सीओ कुलदीप सबरवार, केन्द्रीय विद्यालय आमला के प्राचार्य एमएम कटियार प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

परिवार की कमी को कर दिया पूरा

इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष ने कारगिल युद्ध के बाद शुरु हुए प्रकल्प राष्ट्र रक्षा मिशन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड 19 के बाद से राष्ट्र रक्षा मिशन ने एक नई शुरुआत करते हुए पहले घर में और फिर सरहद पर रक्षा बंधन मनाना शुरु किया है। बीते पांच वर्षों से बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के सदस्य पहले आमला पहुंचकर एयर फोर्स और रक्षा बंधन के दिन सरहद पर पहुंचकर फ्रंट लाईन पर तैनात जवानों के साथ राखी का पर्व मना रहे है। उन्होंने यह अपेक्षा भी की नेह के धागों का यह बंधन और परम्परा आगे भी इसी तरह चलती रहे। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने भी सभी बहनों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि सेना देश की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर एवं संकल्पित है। देशवासियों से सैनिक चाहे वह वायु सेना का हो या आर्मी का बस सम्मान चाहता है। रक्षा बंधन के पूर्व जब एक साथ इतनी बहनों को जवानों ने देखा तो सभी खुश हो गए। सभी ने राखी बंधवाते हुए कहा भी कि आज परिवार की कमी को आप सभी बहनों ने दूर कर दिया। सेना के जवान त्यौहार के दौरान बहुत कम ही अपने घर जा जाते है ऐसे में राष्ट्र रक्षा मिशन जब आमला पहुंचा तो सभी जवानों को घर के जैसे माहौल देने का प्रयास किया गया।

पहली बार जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाकर गर्व

राष्ट्र रक्षा मिशन के दल में कई सदस्य ऐसे भी है जिन्होंने पहली बार जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाया। इस अवसर पर संस्था की कोषाध्यक्ष जमुना पंडाग्रे,वरिष्ठ सदस्य वंश पदम, हर्षित पंडाग्रे, प्रचिति कमाविसदार, सीमा विश्वकर्मा, छाया प्रजापति, सरिता अतुलकर, लता नागले, श्रेया विश्वकर्मा, रीना अतुलकर, उषा अतुलकर, कमलती चौहान, पूर्वी-पलक चौहान, सोनम गंगारे, डॉली नारे, नीलम गंगारे, प्रदीप निर्मले, वंदना देशमुख, देश के जवानों के लिए आयोजित इस रक्षा उत्सव में शामिल हुई। अंत में श्रीमती पदम ने आमला एओसी सहित सभी अधिकारियों का आभार माना।

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