घोड़ाडोंगरी नगर के जाने-माने सबसे पुराने और वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम मालवी सड़क दुर्घटना में घायल होने से इलाज के दौरान गोलोक कर गए घोड़ाडोंगरी जैसे छोटे गांव में रहकर बैतूल जिला कलचुरी कार समाज के मुख्य प्रथम कार्यकारिणी विशेष सदस्य रहे श्री मालवीय ने बैतूल जिला ही नहीं अपितु संभाग में कलचुरी कलार समाज के लिए निष्काम भावना से
अपना समय दिया साथ ही घोड़ाडोंगरी नगर में लगभग 35 सालों से अधिक वर्ष पहले सामान्य किसान के रूप में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता का आरंभ किया था, श्री मालवीय ने उस समय प्रिंट मीडिया में अपना खूब नाम कमाया देश के जाने-माने अखबार दैनिक भास्कर, लोकमत समाचार, नवभारत, देशबंधु ,नवदुनिया, जैसे बड़े अखबारों के लिए निष्पक्ष और सकारात्म पत्रकारिता का निर्वहन किया राधेश्याम मालवीय ने हमेशा लोगों की समस्याओं को अधिकारी और राजनेताओं तक पहुंच कर जन जागरण का काम भी किया राधेश्याम मालवीय ने अन्य हिंदी अखबारों के साथ अंग्रेजी अखबारों का भी दायित्व संभाला हिंदुस्तान टाइम्स ,द हितवाद , जैसे अंग्रेजी अखबारों में अपनी लेखनी से नाम कमाया बैतूल जिले के बड़े नाम में इंदरचंद जैन ,पहलाद वर्मा, रामकिशोर पवार ,अनिल सिंह ठाकुर, के साथ कई वर्षों तक प्रिंट मीडिया अखबारों में अपनी लेखनी का परिचय दिया , श्री मालवीय ने समाज सेवा के साथ पत्रकारिता और राजनीतिक क्षेत्र में विनोद डागा ,गुफरान आजम सुखदेव पांसे असलम शेर खान और पूर्व विधायक मीरा उईके के सहित बड़े राजनीतिक क्षेत्र में नाम लिया जता रहा हैं, श्री मालवीय की लेखनी अपने जमाने में अखबार के मुख्य पन्नों पर देखी जाती रही है,
मालवीय अपने समाज में अच्छी खासी पहचान रखने वाले और हर कदम पर समाज को आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे कलचुरी कलार समाज के प्रथम जिला संगठन कार्यकारिणी में राधेश्याम मालवी बैतूल जिले के जिला प्रचारक और सामाजिक संगठन के पद पर दृढ़ निश्चय और दबंगता के साथ कार्यरत रहे,
श्री मालवीय ने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी पत्रकारिता के माध्यम से जागरूकता लाने का प्रयास किया श्री मालवीय द्वारा कन्हवाड़ी के प्रसिद्ध जंगली जड़ी बूटी के वेध बाबूलाल को अपनी लेखनी के माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जिसके कारण कैंसर जैसे असाध्य ए रोगियों को लाभ मिला लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया ,
श्री राधेश्याम मालवीय द्वारा भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर बड़े-बड़े लेख लिखकर सरकार का ध्यान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ओर आकर्षित कर उन्हें उचित सम्मान दिलाया क्षेत्र की छोटी बड़ी सभी समस्याओं को लेकर राधेश्याम मालवीय शासन प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने और समस्याओं का निराकरण करने का कार्य करते रहे राधेश्याम मालवी मुल्यतः एक किसान के रूप में अपने क्षेत्र में जाने जाते रहे ,
वहीं उन्होंने निष्पक्ष ईमानदार और साफ पत्रकारिता से लोगों को अवगत कराया ,
श्री मालवीय अपनी सादगी और साधारण जीवन शैली के लिए जाने जाते रहे मालवीय ने अपने भरे पूरे परिवार में चार बेटे एक बड़ी बेटी का लालन पालन पूर्ण निष्ठा के साथ किया मालवी के एक बेटे जितेंद्र मालवीय ने भी कई वर्षों तक प्रिंट मीडिया के माध्यम से मालवीय के विचार लोगों तक पहुंचाएं किंतु अचानक 6 नवंबर को हुए एक सड़क हादसे में घायल मालवीय ने नागपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान अपने प्राण त्याग दिए श्री मालवीय के अंतिम संस्कार मैं उपस्थित जन सैलाब में बड़ी संख्या में पत्रकार साहित्यकार राजनीतिक और कलचुरी कलार समाज के जिला पदाधिकारी सहित स्थानीय परिचित रिश्तेदार और अन्य सभी की उपस्थिति बताती है ,
कि आज भी निष्पक्ष और समाज के लिए कार्य करने वाले समाजसेवी जनमानस के मन में सम्मान से रहते हैं,
श्री मलवीय की श्रधंजलि 18 नवम्बर मंगलवार को सम्पन्न होगी राधेश्याम मालवीय ने अपने पीछे निष्पक्ष पत्रकारिता और सामाजिक सेवा का भाव छोड़कर गए हैं । हम सभी सामाजिक राजनीतिक और पत्रकारिक जगत से श्री मालवीय को भाव भरी श्रद्धांजलि अर्पित है ।







