भारत के साथ हेयर डोनेशन का वर्ल्ड रिकार्ड बनाने तैयार अपना बैतूल

कैंसर पीड़ितों का आत्मविश्वास बढ़ाने एतिहासिक कदम

5 से 64 वर्ष तक 48 ने दान किए 12-12 इंच हेयर

 

बैतूल। आगामी 2 नवंबर 2026 को चेन्नई में कुछ ऐसा होने जा रहा है जो भारत ने पहले कभी नहीं देखा, कैंसर के उन मरीजों के लिए, जिन्होंने अपने बाल खो दिए हैं, एक ही दिन में 700 से ज़्यादा लोग अपने बाल दान करेंगे। कैंसर पीड़ितों के दर्द को कम करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने की मुहिम की बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति भी सहभागी बन रही है। भारत कीमोथेरेपी के कारण बहने वाले आंसुओं को पोंछने का बीड़ा उठाते हुए एक नया विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी में है। कि बैतूल से भी 48 केशदानियों ने इस सेवा में सहभागिता की है। बैतूल जिले के विभिन्न शहरों से 48 महिलाओं, बालिकाओं ने 12 इंच हेयर डोनेशन कर कैंसर मरीजों की मदद के लिए कदम बढाएं है। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष, हेयर फॉर होप इंडिया की आऊट स्टेडिंग ब्रांड एम्बेसडर एवं मप्र की संयोजक गौरी बालापुरे पदम द्वारा बुधवार को डोनेट हेयर चैन्नई के लिए पार्सल कर दिए है। बैतूल से 5 वर्ष से लेकर 64 वर्ष की बालिका/युवतियों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हेयर डोनेशन किया है।

कैंसर मरीजों के लिए विग दिखावा नहीं

कीमोथेरेपी ले रहे मरीजों के लिए, बालों का झडऩा ऐसी अवस्था है जिसे देखकर वे हर सुबह डर जाते हैं। कुछ लोग तो अपनी बीमारी के बारे में रिश्तेदारों को भी नहीं बताते, क्योंकि उन्हें डर होता है कि लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे या कहीं उन्हें अकेला न छोड़ दें। ऐसे लोगों के लिए, विग (नकली बाल) कोई दिखावा नहीं है, बल्कि यह दुनिया का सामना करने के लिए उनके सम्मान को वापस पाने का एक ज़रिया है। हेयर फॉर होप इंडिया की सीईओ प्रेमी मैथ्यू ने एक कैंसर सर्वाइवर है जिन्होंने वर्ष 2013 में हयेर फॉर होप इंडिया की शुरुआत की। अड्यार में जन्मी प्रेमी को बालों की अहमियत उस वक्त समझ आई थी जब वे एक प्रोफेसर से कैंसर सर्वाइवर बनी। उनका कहना है कि विग सिर्फ बाल नहीं है, बल्कि यह कीमोथेरेपी ले रहे मरीजों को उसकी जिदंगी वापस देने जैसा है। अब वे लेडीज़ सर्कल इंडिया और अड्यार कैंसर इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर इस सोच को एक विश्व रिकॉर्ड में बदलने जा रही है। उनका कहना है कि रिकॉर्ड तो बस एक नंबर है, हेयर डोनेशन के असली मायने उस मरीज के लिए हैं, जो आईने में खुद को फिर से देख पाएगा।

बैतूल से चैन्नई पहुंचेगे साढ़े चार किलो केश

हेयर फॉर होप इंडिया की ब्रांड एम्बेसडर गौरी बालापुरे पदम ने भी कैंसर पीडि़तों के लिए केशदान की इस मुहिम से पांच वर्षों में सैकड़ों सेवाभावियों को जोड़ा है। उन्होंने स्वयं भी जीरो कटिंग करवाकर अपने 12 इंच हेयर कैंसर मरीजों के लिए दान कर दिए थे। श्रीमती पदम ने बताया कि हेयर डोनेशन के वल्र्ड रिकार्ड में शामिल होने पर सभी डोनर्स को गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड का प्रतिभागिता प्रमाणप्रत्र प्राप्त होगा। बैतूल से 48 बालिकाओं/युवतियों/महिलाओं ने हेयर डोनेशन किया है। 25 अक्टूबर तक सभी हेयर चैन्नई पहुंच जाएंगे। अगर चैन्नई पहुंचकर कोई हेयर डोनेशन करना चाहता है तो 2 नवंबर को सुबह 10 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक श्री रामचन्द्र मेडिकल कॉलेज में हेयर डोनेशन कर सकता है। सभी डोनर्स को प्रोटेक्ट योर मॉम एशिया के दिशा निर्देशों के अनुरुप हेयर कट करना तथा वेबसाईट पर गूगल फार्म भरना जरुरी है। इसमें बिफोर और ऑफटर फोटो भी अपलोउ करना अनिवार्य है। भारत के किसी भी स्कूल, कॉलेज, संस्था, व्यक्ति, क्लब के लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हिस्सा ल सकते है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश को यह सिखाना है कि बालों को कचरे में फेंकने के बजाय, उनका इस्तेमाल किसी की मदद के लिए किया जा सकता है।

अगर यह कार्यक्रम सफल रहता है, तो सभी प्रतिभागियों को एक विशेष प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) दिया जाएगा। जो समूह 50 से ज़्यादा पोनीटेल (बालों के गुच्छे) दान करेंगे, या जो सबसे ज़्यादा पोनीटेल दान करेंगे, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

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