*डॉ. संदीप गोहे ने PGDRP परीक्षा उत्तीर्ण कर मनोविज्ञान एवं पुनर्वास क्षेत्र में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि*
*सारनी, जिला बैतूल में जन्मे डॉ. संदीप गोहे ने *Post Graduate Diploma in Rehabilitation Psychology (PGDRP)* की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर मनोविज्ञान एवं पुनर्वास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
डॉ. संदीप गोहे वर्तमान में *Psychologist | Mental Health Expert | Rehabilitation Counsellor | Author* के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे भोपाल में रहकर *निगी हॉस्पिटल* में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही वे मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, काउंसलिंग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
*क्या है PGDRP और इसका महत्व*
*PGDRP (Post Graduate Diploma in Rehabilitation Psychology)* मनोविज्ञान के क्षेत्र का एक विशेष पाठ्यक्रम है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, काउंसलिंग और जरूरतमंद व्यक्तियों को सहयोग देने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है।
यह पाठ्यक्रम *Rehabilitation Council of India (RCI)* द्वारा मान्यता प्राप्त है। RCI भारत सरकार के अंतर्गत कार्य करने वाली संस्था है, जो पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त पेशेवरों के पंजीकरण और लाइसेंस प्रदान करने का कार्य करती है। RCI से मान्यता प्राप्त योग्यता प्राप्त करने के बाद संबंधित क्षेत्र में निर्धारित नियमों के अनुसार पेशेवर सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलता है।
सरल भाषा में कहें तो पुनर्वास मनोविज्ञान का उद्देश्य ऐसे लोगों की सहायता करना है, जो मानसिक, बौद्धिक, विकासात्मक या भावनात्मक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ताकि वे बेहतर जीवन जी सकें और समाज में अपनी भागीदारी बढ़ा सकें।
*किन लोगों के लिए उपयोगी है पुनर्वास मनोविज्ञान*
PGDRP के माध्यम से प्रशिक्षित विशेषज्ञ इन क्षेत्रों में सहायता कर सकते हैं—
• जन्म से मानसिक विकास में देरी या बौद्धिक विकास से जुड़ी समस्याओं वाले बच्चों की सहायता।
• बच्चों में सीखने, व्यवहार और विकास संबंधी कठिनाइयों को समझना।
• मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे तनाव, चिंता, अवसाद और भावनात्मक परेशानियों में काउंसलिंग सहायता।
• नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों को मानसिक सहयोग और पुनर्वास प्रक्रिया में सहायता।
• बीमारी, दुर्घटना या अन्य परिस्थितियों के बाद व्यक्ति को मानसिक एवं सामाजिक रूप से पुनः स्थापित करने में सहयोग।
पुनर्वास मनोविज्ञान केवल व्यक्ति की समस्या को समझने तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार को जागरूक करना और व्यक्ति को आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
*डॉ. संदीप गोहे का उद्देश्य*
डॉ. गोहे ने बताया कि उनका उद्देश्य मनोविज्ञान के ज्ञान को समाज तक पहुंचाना और जरूरतमंद लोगों को मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराना है। वे *Save Indian Family (SIF) Betul* के अध्यक्ष के रूप में पुरुष मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या रोकथाम जागरूकता, परिवार परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहायता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
डॉ. संदीप गोहे द्वारा लिखित पुस्तक *”पुरुष मानसिक स्वास्थ्य: चुनौतियाँ, मिथक और आधुनिक दृष्टिकोण”* भी मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक चुनौतियों पर केंद्रित है।
उनकी इस उपलब्धि पर सामाजिक क्षेत्र, मनोविज्ञान जगत एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।