श्रद्धा और आस्था का केंद्र माता खेड़ापति का दरबार

नगर की देवी माता खेड़ापति के नाम से विख्यात है ।यह स्थान लोगों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है । बिना यहां पर पूजन किए नगर में लोगों के यहां विवाह सहित अन्य कार्य नहीं होते। शादी चाहे लड़के की हो यह लड़की की सबसे पहले माता पूजन के बाद विवाह के अन्य संस्कार शुरू होते हैं ।वर्ष भर खेड़ापति माता मंदिर के दरबार में धार्मिक गतिविधियों का संचालन होता है ।शारदीय नवरात्र हो या चैत्र के नवरात्रि पर माता रानी के दरबार में बच्चों से लेकर बुजुर्गों द्वारा जल चढ़ाने की परंपरा रही है ।लोग बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ बुजुर्ग महिलाओं से लेकर बहुएं और बेटियां बेटे सब माता रानी को जल चढ़ाने का सिलसिला सुबह 4 बजे से शुरू हो जाता है ।लोग अपनी श्रद्धा अनुसार माता रानी के पूजन के लिए दिन भर आते रहते हैं ।खेड़ापति माता मंदिर दरबार का इतिहास कितना पुराना है कुछ कहा नहीं जा सकता। माना जाता है कि जब नगर बसा होगा तब से ही माता रानी के पूजन अर्चन का सिलसिला अनवरत चल रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.