मणिकर्णिका के मंच पर नजर आएगी देश के पारंपरिक नृत्यों की झलक
बैतूल। आगामी 27 सितंबर को बैतूल में स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति में बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित मणिकर्णिका सम्मान समारोह में कला एवं संस्कृति के माध्यम से देश का नाम दुनिया में रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय कलाकार भी भागीदार बनेंगे। इस वर्ष मणिकर्णिका सम्मान के लिए देश की प्रसिद्ध देवदासी(महरी),ओडिसी नृत्यांगना रुपाश्री महापात्रा बैतूल आ रही है। रुपाश्री शोध एवं व्यवहारिक नृत्य प्रशिक्षण के माध्यम से ओडिसी और देवदासी नृत्य शैलियों और पुरी के प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर की संस्कृति को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सिखाने और बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। वर्ष 2020 से रूपाश्री पद्मश्री डॉ ई. श्रीधरन के अनुरोध पर केरल के गुरुवायुर कृष्ण मंदिर ट्रस्ट में प्रसिद्ध कवि जयदेव की गीत गोविंद पर आधारित अष्टपदि सिखाने के लिए पूर्णकालिक नृत्य शिक्षिका के रुप में कार्यरत है। रुपश्री महापात्रा ने मणिकर्णिका सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए अनुमति प्रदान की है। बैतूलवासी मणिकर्णिका के गरिमामय मंच पर इस वर्ष 27 सितंबर को रुपाश्री मोहपात्रा के नृत्य की झलकियां भी देख सकेंगे। रुपाश्री अपनी बेटी देबरुपा दास गुप्ता एवं पति देबासिस दास गुप्ता के साथ मणिकर्णिका सम्मान समारोह में शामिल होंगी।
बेटी के सम्मान में बैतूल को गौरवान्वित करने वाला समारोह
समारोह की संयोजक गौरी बालापुरे पदम ने बताया कि एक बेटी की याद में देश की ख्यातिनाम बेटियों के सम्मान की यह परिपाटी बैतूल को गौरवान्वित करने वाली है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष डॉ वसंत श्रीवास्तव एवं श्रीमती नीरजा श्रीवास्तव द्वारा अपनी बेटी स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति में यह आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी जिन प्रतिभाओं को बैतूल आमंत्रित किया गया है वह पूरे देश में अपना प्रभाव रखती है। डॉ वसंत श्रीवास्तव, एड. नीरजा श्रीवास्तव, बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति, धीरज बोथरा संचालक बोथरा शॉपिग सेंटर, विवेक मालवीय कांतिशिवा गु्रप बैतूल, एचमार्ट धीरज हिराणी, अतुल गोठी होटल आईसीईन, निर्गुण देशमुख-कमलेश गढ़ेकर वीवीएम बैतूल, समाजसेवी मनीष दीक्षित, अभिमन्यु श्रीवास्तव प्रबंधक एमपी विनियर्स प्राईवेट लिमि, डॉ कृष्णा मौसिक आरके मेमोरियल हॉस्पीटल, यथार्थ राजेश गुगनानी संचालक आरके अनमोल श्री गुरुकृपा ट्रेडिंग, समाजसेवी राजेश-संगीता अवस्थी के संयुक्त तत्वावधान, शासन एवं जनप्रतिनधियों के साझा प्रयास से जिले में आयोजित होने वाले मणिकर्णिका सम्मान ने महज 7 वर्ष में पूरे देश में अलग पहचान बनाई है।
मोहपात्रा को कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली ख्याति
रुपाश्री महापात्रा ने देश के कई प्रांतों में आयोजित नृत्य समारोह में शामिल होकर ओडिसी एवं देवदासी नृत्य प्रस्तुत किए है। इसके अलावा वर्ष 1998 में इस्टर्न जोन डांस फेस्टीवल चाईना, 2002- ओडिसी महोत्सव वाशिंगटन, 2002- ओडिसी महोत्सव लंदन, 2015 इंटरनेशनल मलयालम एसोसिएशन दोहा कतर में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्प्होंने भुवनेश्वर, बेलगांव, मुम्बई, हरियाणा, कोलकत्ता, पुरी, कोणार्क, गोपालपुर बीच फेस्टीवल सहित कई अन्य मंच पर देवदासी एवं ओडिसी नृत्य किया है। उन्हे महरी अवार्ड, देवदासी नेशनल अवार्ड, कोणार्क डांस फेस्टीवल अवार्ड, राष्ट्रीय संस्कृति विश्वविद्यालय अवार्ड, प्राणनाथ अवार्ड, नेशनल कला रत्न, साहित्य संस्कृति सारस्वत सम्मान, एनटीपीसी अवार्ड, नाल्को खारवेल अवार्ड सहित वर्ष 2023 में ओडिसा संगीत नाटक अकादमी पुरुस्कार भी प्राप्त है। मोहपात्रा दिल्ली दूरदर्शन की की ए ग्रेड कलाकार है।
42 वर्षों से ओडिसी और देवदासी नृत्य के लिए समर्पित कलाकार
रुपाश्री ने देवदासी शशिमणि, परसुमणि, हरप्रिया, गोकिलप्रभ एवं अपने गुरुओं के आशीर्वाद से 42 वर्षों के नृत्य जीवन में पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के लिए कई पारंपरिक नृत्य रचनाएं तैयार की और उनका नृत्य निर्देशन भी किया। वर्तमान में उनकी नृत्य और गीत रचनाएं कई ओडिसी नर्तकियों और प्रशिक्षिकों द्वारा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से अपनाई, प्रस्तुत एवं मंचित की जा रही है। गीता गोविंदम या अष्टपदी के 24 आइटम पीस के गीत एवं नृत्य रुपों के अलावा महरी (देवदासी) नृत्य का निर्देशन भी आपके द्वारा किया गया है
जिसे भगवान जगन्नाथ के शुभ अवसरों जैसे चंदन यात्रा, झूलन यात्रा, रुकमणी विवाह, मालश्री, जगन्नाथ अष्टक, कृष्णाष्टकम और भगवान जगन्नाथ की मौसीमा मंदिर से वापसी के दौरान प्रस्तुत किया जाता है। रुपाश्री ने भगवान की आराधना और क्रिया को समर्पित 50 से अधिक नृत्य विधियां भी बनाई है। रुपाश्री महापात्रा के स्वागत के लिए टीम मणिकर्णिका उत्सुक है।