*बमोरिया परिवार अहिरवार समाज के समाजसेवी स्व. रामलाल के उपरांत श्रद्धांजलि सभा कर मृत्युभोज का किया बहिष्कार*
सोहागपुर। नर्मदापुरम
विगत दिनों अहिरवार समाज के समर्पित समाजसेवी स्व. रामलाल बमोरिया जी का ह्रदय गति रुक जाने पर परिनिर्वाण हुआ। जिनकी सेवा, कुरीति, पाखंडवाद के विरोध की विचारधारा एवं फूले अम्बेडकर के मिशन पर आजीवन सेवाओं को देखते हुए उनकी सोच पर ही रसोई जैसे काम की पाबंदी उनके परिवार जनों ने करते हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम सोहागपुर रेलवे स्टेशन के पास देनवा गार्डन में किया। जिसमें समाज के लोगों का उमड़ा जनसैलाब समाज के सैकड़ों नागरिकों ने जाकर श्रद्धेय बाबू स्व.
रामलाल बमोरिया के जीवन पर प्रकाश डाला गया।
जिला होशंगाबाद, नरसिंहपुर, रायसेन, सीहोर और भोपाल तक से श्रद्धेय बाबू जी को नमन करते हेतु समाज के बुद्धिजीवी, समाजसेवी व पत्रकारों ने भी बाबू जी को नमन किया। अहिरवार समाज जिला होशंगाबाद के अध्यक्ष रमेश बामने, अहिरवार समाज संघ के संस्थापक चौधरी अमान सिंह नरवरिया, बृजेश आर्य,रामगोपाल बारुआ,बाबू जी की बेटी उषा टिकैत,संगीता गोलिया,धनसिंह अहिरवार, कामता
प्रसाद चौहान, मूलचन्द मेधोनिया अहिरवार समाज के महान क्रांतिकारी वीर मनीराम अहिरवार जी के सुपौत्र ने शहीद परिवार की ओर से श्रद्धांजलि सभा में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। समाज बहिनें, कर्मचारीगण और बौद्ध धम्म संगोष्ठी पिपरिया के सभी टीम के साथीयों ने बाबू जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किये मौन श्रद्धांजलि, बौद्ध वंदना की। बाबू के छोटे भाई सी.एल. बौद्ध एवं उनके दामाद राजू टिकैत ने समाज के सभी नागरिकों ने बाबू की श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आने वाले सभी का सादर आभार व्यक्त किया। शोक सभा उपरांत बौद्ध धम्म प्रसादी वितरित किया। समाज के नागरिकों ने मृत्यु भोज न करने पर
बमोरिया परिवार के साहसी फैसलें की सराहना की। समाज के वरिष्ठ लोगों ने निर्णय लिया है कि अब समाज के लिए मृत्यु भोज जैसे फिजूल खर्ची का बड़ा कार्यक्रम न करते हुए कम खर्च में मृतकों को केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम करके ही रिवाज को मिटाया जा सकता है। तथा यदि परिवार के पास जो पैसे का बचाव होता है तो वह अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में लगाकर समाज को मजबूत किया जाये।