पत्रकार कल्याण परिषद ने जताई कड़ी आपत्ति;

Ashish ugade

शाहपुर में प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला: सच लिखने वाले स्थानीय पत्रकार को मिली धमकी, क्रॉस-केस से गरमाया माहौल ### पत्रकार कल्याण परिषद ने जताई कड़ी आपत्ति; एसपी के नाम एसडीओपी को ज्ञापन सौंपकर की निष्पक्ष जांच की मांग शाहपुर (बैतूल)। क्षेत्र में सच की आवाज को दबाने और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्रभावित करने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है । शाहपुर कृषि उपज मंडी में चल रही कथित अनियमितताओं, समर्थन मूल्य में गड़बड़ी और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से

उठाने वाले स्थानीय पत्रकार आशीष राठौर के साथ बदसलूकी करने, गालियां देने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का प्रकरण शाहपुर थाने पहुंचा है । इस घटना के बाद जिले भर के पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है। आज पत्रकार कल्याण परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजकमल गुप्ता के नेतृत्व में, राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी एवं जिला अध्यक्ष कैलाश प्रसाद अग्रिहोत्री के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक (SP) बैतूल के नाम एसडीओपी शाहपुर को एक ज्ञापन सौंपा गया । खबरों के प्रकाशन से थी अंदरूनी रंजिश शिकायत के अनुसार, स्थानीय पत्रकार आशीष राठौर ने मंडी में सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य के बजाय कम दामों पर की जा रही खरीदी और परिसर

में अवैध रूप से डंप अनाज के घोटालों को प्रमुखता से उजागर किया था। इन खबरों से रसूखदार चेहरों में अंदरूनी नाराजगी थी । 21 जून को जब आशीष राठौर माचना ब्रिज के पास अपने एक साथी पत्रकार के दुर्घटनाग्रस्त परिवार की मदद करने पहुंचे, तो वहां मौजूद अमित गुप्ता, नितिन गुप्ता और नवनीत गुप्ता ने पुरानी रंजिश निकालते हुए उनके साथ सरेराह अभद्रता की और झूठे एसटी/एससी एक्ट में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी ।राजनैतिक हस्तक्षेप और क्रॉस-केस की चर्चाएं इस मामले में शाहपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अमित गुप्ता, नितिन गुप्ता, नवनीत गुप्ता और ड्राइवर किशोर सिरसाम के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है । वहीं, दूसरी ओर से की गई शिकायत के बाद इस मामले में

तकनीकी रूप से क्रॉस-केस भी दर्ज हुआ है 。 राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि स्थानीय पत्रकार आशीष राठौर द्वारा क्षेत्र के कुछ रसूखदार सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों की जमीनी हकीकत तथा एक सार्वजनिक मंच पर घटित हुई असहज कर देने वाली स्थिति (सोने की घटना) की खबर प्रसारित की गई थी। सूत्रों के अनुसार, इसी रंजिश के चलते इस पूरे मामले में अंदरूनी रूप से राजनैतिक हस्तक्षेप कर पत्रकार को फंसाने की साजिश रची जा रही है । एकजुट हुए पत्रकार, निष्पक्षता की मांग घटना के विरोध में क्षेत्र के पत्रकार पूरी तरह लामबंद हो गए हैं। ज्ञापन सौंपते समय गोवर्धन गुप्ता, संजय गुप्ता (पापाजी), सचिन शुक्ला, संजय जगताप, अंकुश मिश्रा, शैलेन्द्र गुप्ता, मुदित शुक्ला, मनीष सोनी एवं पत्रकार कल्याण परिषद के सहयोगी सदस्य संजय पाटिल सहित भारी संख्या में स्थानीय पत्रकार उपस्थित रहे। संगठन ने दोटूक कहा है कि राजनैतिक दबाव में की जाने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया जाएगा ।

उन्होंने एसपी से इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है ।दूसरा ड्राफ्ट (वैकल्पिक एवं और छोटा फॉर्मेट) – विशेष प्रतिनिधि – ## सच दिखाने पर स्थानीय पत्रकार को मिली धमकी, निष्पक्ष जांच के लिए पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन शाहपुर (बैतूल)। शाहपुर उप-मंडी के कथित घोटालों को उजागर करने वाले स्थानीय पत्रकार आशीष राठौर को रसूखदारों द्वारा धमकी देने और झूठे मामले में फंसाने की साजिश के विरोध में आज शाहपुर के पत्रकारों ने मोर्चा खोल दिया है । आज पत्रकार कल्याण परिषद के जिला

उपाध्यक्ष राजकमल गुप्ता द्वारा वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में एसपी बैतूल के नाम एसडीओपी शाहपुर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई । इस दौरान सहयोगी सदस्य संजय पाटिल सहित क्षेत्र के तमाम स्थानीय पत्रकार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। शिकायत के अनुसार, स्थानीय पत्रकार आशीष राठौर द्वारा मंडी में समर्थन मूल्य से कम दामों पर अनाज खरीदी और अव्यवस्थाओं की खबरें प्रमुखता से लगाई गई थीं। इसी रंजिश के चलते 21 जून को एक दुर्घटना स्थल पर मदद करने पहुंचे

पत्रकार के साथ अमित गुप्ता, नितिन गुप्ता और नवनीत गुप्ता ने गाली-गलौज करते हुए झूठे एसटी/एससी एक्ट में फंसाने की धमकी दी । मामले में शाहपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ से पत्रकार के खिलाफ भी क्रॉस-केस दर्ज किया गया है । राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि क्षेत्र के कुछ रसूखदार जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली और मंच पर सोने जैसी असहज खबरों को उजागर करने के कारण अंदरूनी राजनैतिक दबाव बनाकर यह

कार्रवाई कराई गई है । ज्ञापन सौंपते समय गोवर्धन गुप्ता, संजय गुप्ता (पापाजी), सचिन शुक्ला, संजय जगताप, अंकुश मिश्रा, शैलेन्द्र गुप्ता, मुदित शुक्ला, मनीष सोनी और संजय पाटिल सहित सभी पत्रकार एकजुट रहे और चेतावनी दी कि किसी भी राजनैतिक दबाव में की गई एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।

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