जनपद पंचायत आमला की 15 दुकानों की नीलामी पर सवाल, यूं.कां.नेता राकेश सोने ने की निरस्त करने की मांग

Pramod Suryavanshi

 

 

बैतूल। जनपद पंचायत आमला की 15 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया और जनपद पंचायत के नए भवन निर्माण में एजेंसी व तकनीकी स्वीकृति को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। 6 अक्टूबर 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बैतूल के नाम अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से शिकायत सौंपी गई। इसमें दोनों कार्यवाहियों को नियमों के विपरीत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है।

नियमों के उल्लंघन का आरोप यूंका विधानसभा उपाध्यक्ष राकेश सोने ने शिकायत में कहा कि अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा नियमों का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से कार्यवाही की गई। आरोप है कि दुकानों की नीलामी और नए भवन निर्माण की एजेंसी व तकनीकी स्वीकृति नियमों के विपरीत है। साथ ही पूर्व की दुकानों की नीलामी की धरोहर राशि को भी नियम विरुद्ध खर्च करने की बात कही गई है।

शिक्षित बेरोजगारों को रोके जाने का आरोप

शिकायत के अनुसार नीलामी की शर्त क्रमांक 2.2 में यह प्रावधान रखा गया कि आवेदक का जिला रोजगार कार्यालय में 3 माह पूर्व जीवित पंजीयन होना चाहिए और ₹200 के स्टाम्प पेपर पर शपथपत्र देना होगा। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह शर्त साजिशन जोड़ी गई है। शासन के नियमों में “शिक्षित बेरोजगार” की परिभाषा शर्तों में कहीं नहीं दी गई है। आरोप है कि जिनका रोजगार कार्यालय में पंजीयन नहीं है, ऐसे शिक्षित बेरोजगारों को नीलामी में भाग लेने से रोका गया और लाभ से वंचित किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि जिला पंचायत बैतूल ने आजीविका प्लाजा, बस स्टैंड के पास की दुकानों की नीलामी में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी थी।

दुकान-वार अनियमितताएं

दुकान क्रमांक 1, 2 और 3: हर एक के लिए केवल एक ही आवेदन प्राप्त हुआ, फिर भी नीलामी कर दी गई, जबकि नियमानुसार एक से अधिक बोलीकर्ता आवेदन होने चाहिए।

दुकान क्रमांक 4: एक से अधिक आवेदन आने के बावजूद आवेदक बोलीकर्ता से राशि जमा नहीं कराई गई, जो नियम का उल्लंघन है।

मांग शिकायतकर्ताओं ने उक्त कारणों से 15 दुकानों की नीलामी और नए भवन निर्माण हेतु नियुक्त एजेंसी व तकनीकी स्वीकृति, दोनों को निरस्त करने की कार्यवाही करने की मांग की है।

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