*ग्राम असलाना में महिला समूह की पहल से बढ़ी आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका को मिला बढ़ावा*

 

 

असलाना। ग्राम असलाना में ग्राम भारती महिला मंडल के सहयोग से SGP परियोजना के अंतर्गत ग्रामीणों की आजीविका, जैविक खेती, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

 

*महिला समूह द्वारा फूड प्रोसेसिंग यूनिट का संचालन*

ग्राम असलाना में जे.जे. सरकार स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा ग्राम भारती महिला मंडल के सहयोग से SGP परियोजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष के घर फूड प्रोसेसिंग यूनिट संचालित की जा रही है। समूह की सभी महिलाएं एकत्रित होकर इस यूनिट में आटा एवं दलिया तैयार कर उसकी पैकिंग करती हैं। तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजार एवं आंगनवाड़ी के माध्यम से विक्रय किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त हो रहा है।

महिलाओं ने बताया कि इस तरह के स्वरोजगार के अवसर लगातार मिलते रहें तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी तथा वे अपने परिवार की आय में बेहतर योगदान दे सकेंगी। फूड प्रोसेसिंग यूनिट के माध्यम से महिलाओं में आत्मनिर्भरता, कौशल विकास एवं सामूहिक उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है।

 

 

*जैविक खेती, जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता ग्राम असलाना*

 

परियोजना के अंतर्गत किसानों को नाडेप खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। खेतों में जैविक खेती की अपनी व्यवस्था विकसित करने के साथ अच्छे बीज, मिट्टी परीक्षण, मेड़ बंधान, मल्चिंग, पौधारोपण, पोषण वाटिका और पॉलीहाउस जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। साथ ही

“पराली नहीं जलाएंगे” के संदेश के साथ फसल अवशेषों के उचित उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया गया। वहीं सीड बॉल के माध्यम से हरियाली और पौधारोपण को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। ग्राम में जल संरक्षण के लिए रिचार्ज पिट, खेत तालाब, मेड़ बंधान, कुओं की गहराई बढ़ाने तथा चेक डेम के पुनर्जीवन जैसे उपायों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। सिंचाई के लिए सोलर पंप के उपयोग को बढ़ावा देते हुए पानी और ऊर्जा के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया गया। इसके साथ ही मत्स्य पालन को भी आजीविका के अतिरिक्त साधन के रूप में प्रोत्साहित किया गया।

ग्राम भारती महिला मंडल ने SGP परियोजना के माध्यम से ग्राम की प्रमुख समस्याओं को समझते हुए ग्रामीणों को आसान, कम लागत वाले और उन्नत समाधान बताए। खेती, जल संरक्षण, पर्यावरण एवं आजीविका के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना और गांव के सतत विकास को बढ़ावा देना है। परियोजना के माध्यम से महिलाओं और किसानों को स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की आत्मनिर्भरता के साथ खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

 

*पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही नारी शक्ती*

 

रिवर साइड प्लांटेशन: महिलाओं एवं समुदाय की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण की पहल

 

पर्यावरण संरक्षण एवं नदी तटवर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से महिला समूहों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता से रिवर साइड प्लांटेशन गतिविधि का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से नदी के किनारों पर पौधारोपण कर तटों को मजबूत एवं सुरक्षित बनाने के साथ-साथ क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

इस गतिविधि में महिला समूह की सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पौधों के चयन, पौधारोपण, पौधों की सुरक्षा एवं उनके संरक्षण की जिम्मेदारी में सक्रिय भूमिका निभाई। महिलाओं की सहभागिता से यह गतिविधि केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित न रहकर महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक नेतृत्व का भी उदाहरण बन रही है।

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