बनखेड़ी में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

 

 

108 औषधीय एवं छायादार पौधों का वितरण, शिक्षकों और विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

 

बनखेड़ी। जिला समन्वय समिति, नर्मदापुरम के तत्वावधान में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन स्थानीय गोविंद प्लेस, बनखेड़ी में किया गया। समारोह में परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही परीक्षा के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सहयोगी शिक्षकों का भी विशेष सम्मान किया गया।

 

समारोह में गायत्री शक्तिपीठ पिपरिया के मुख्य ट्रस्टी श्री सुबोध बरौलिया, व्यवस्थापक श्री उमेश सिंह पटेल, विशिष्ट अतिथि श्री जगदीश प्रसाद मेहरा, सांदीपनी स्कूल के प्राचार्य श्री हरगोविंद मालवी, मॉडल हाई स्कूल के प्राचार्य, जिला समन्वय समिति बनखेड़ी के जिला सदस्य श्री कैलाश राय एवं श्री प्रेम नारायण पटेल, श्री पुरुषोत्तम चौधरी सहित वरिष्ठ गायत्री परिजनों की गरिमामय उपस्थिति रही।

 

अतिथियों द्वारा सम्मानित शिक्षकों को गायत्री परिवार के संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित प्रेरणादायी साहित्य, देव स्थापना चित्र तथा एक-एक पौधा भेंट किया गया। इस पहल के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

 

पर्यावरण और संस्कृति के संगम पर जोर

 

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं वक्ताओं ने आगामी भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मानव जीवन में संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं श्रेष्ठ जीवन-मूल्यों से जोड़ना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

 

समारोह में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों, अतिथियों एवं अन्य लोगों के बीच 108 औषधीय एवं छायादार पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना और प्रकृति का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

 

गायत्री परिवार के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। कार्यक्रम ने शिक्षा, संस्कृति, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण को एक सूत्र में पिरोते हुए समाज के समक्ष एक प्रेरणादायी संदेश प्रस्तुत किया।

 

समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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