नगर परिषद घोड़ाडोंगरी क्षेत्र को मिल सकते हैं बड़े लाभ

घोड़ाडोंगरी में दो नए बैराज निर्माण की मांग को विधायक ने दिया बल, हजारों किसानों और नगर परिषद घोड़ाडोंगरी क्षेत्र को मिल सकते हैं बड़े लाभ

 

घोड़ाडोंगरी (बैतूल) विधानसभा क्षेत्र घोड़ाडोंगरी की विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके ने जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट को पत्र लिखकर घोड़ाडोंगरी विकासखंड में दो महत्वपूर्ण बैराज निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है। पत्र में ग्राम पंचायत रातामाटी के ग्राम सालीढाना में भादभदा नदी तथा पांढरा मोटर पुलिया के पास बैराज निर्माण की मांग की गई है, जिससे क्षेत्र के किसानों और आमजन को स्थायी लाभ मिल सके।

यदि इन दोनों बैराजों को शासन की स्वीकृति मिलती है, तो इसका लाभ केवल आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निकट स्थित नगर परिषद घोड़ाडोंगरी, जिसकी आबादी लगभग 13 हजार है, उसे भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है। पत्र में भी मुख्य उद्देश्य कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना बताया गया है। साथ ही लगभग दोनों बैराज मिलने से आसपास के 2 से 3 किलोमीटर क्षेत्र का जल स्तर बढ़ेगा जिससे भविष्य में होने वाले सूखे के संकट से निजात मिल सकती हैl

 

संभावित प्रमुख लाभ:

वर्षा जल का बेहतर संग्रहण होने से पानी का संरक्षण होगा।

हजारों एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने से किसानों की आय बढ़ सकती है।

भूजल स्तर में सुधार होने से कुओं और हैंडपंपों में पानी की उपलब्धता बढ़ने की संभावना रहेगी।

नगर परिषद घोड़ाडोंगरी सहित आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की जल आवश्यकताओं को मजबूती मिल सकती है।

पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

सूखे के समय जल संकट की स्थिति कम करने में सहायता मिल सकती है।

स्थानीय स्तर पर रोजगार और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।

जल संरक्षण से पर्यावरणीय संतुलन और हरित क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बैराज जैसी जल संरचनाएं वर्षा जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा लंबे समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होती हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.