रानीपुर आश्रम में तीन दिवसीय योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आध्यात्मिक शिविर का शुभारंभ, विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिभागी

 

 

बैतूल। प्रकृति की अनुपम गोद में स्थित परम तपस्वी संत श्री श्री १००८ निकूदास जी महाराज ध्यान एवं साधना केंद्र, रानीपुर आश्रम में गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति (GGSS) के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय “मनःशांति एवं शरीर शुद्धि” योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आध्यात्मिक शिविर का शनिवार को शुभारंभ हुआ। शिविर के पहले ही दिन भोपाल, मसोद, हिडली, आठनेर, बैतूल सहित आसपास के अनेक नगरों एवं दूर-दराज़ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष प्रतिभागी पहुंचे और शिविर का लाभ प्राप्त किया।

 

प्रथम दिवस की शुरुआत प्रातःकालीन प्रार्थना एवं योग सत्र से हुई। इसके बाद प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान, योगिक शुद्धि क्रियाएं (शटकर्म), प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांत, सात्त्विक जीवनशैली, प्राकृतिक आहार, व्हीटग्रास जूस, फलाहार तथा स्वास्थ्य संरक्षण के प्राकृतिक उपायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आश्रम के शांत, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक वातावरण में आयोजित ध्यान एवं आत्मचिंतन सत्र ने सभी प्रतिभागियों को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मिक आनंद का अनुभव कराया।

 

शिविर का संचालन एवं मार्गदर्शन डॉ. नवीन वागद्रे, BNYS (Naturopathy Physician | Author | Health Educator) एवं उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। टीम ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक चिकित्सा के मूल सिद्धांतों, पंचमहाभूत आधारित उपचार पद्धति, रोगों की रोकथाम, स्वस्थ दिनचर्या तथा योग एवं ध्यान के वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही विभिन्न प्राकृतिक उपचार पद्धतियों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य संबंधी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।

 

इस अवसर पर बताया गया कि वर्तमान समय में बढ़ती तनावपूर्ण एवं अनियमित जीवनशैली के कारण अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में योग, प्राकृतिक चिकित्सा, ध्यान, सात्त्विक आहार एवं अनुशासित दिनचर्या अपनाकर बिना दुष्प्रभाव के बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है। शिविर का उद्देश्य समाज में प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।

 

प्रतिभागियों ने आश्रम की स्वच्छता, प्राकृतिक वातावरण, अनुशासित आश्रम जीवन तथा आत्मीय व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह शिविर केवल स्वास्थ्य लाभ ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक उन्नति का भी एक श्रेष्ठ माध्यम है। आगामी दो दिनों में यज्ञ चिकित्सा, उन्नत योग अभ्यास, प्राकृतिक चिकित्सा उपचार, विशेष ध्यान सत्र, स्वास्थ्य परामर्श एवं समग्र जीवनशैली से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

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