आरपीएफ पुलिस की मेहरबानी से एक महिला को बिना रिपोर्ट लिखाएं उसका साल भर पहले गायब हुआ बैग सही सलामत मिल गया। वाक्या कुछ यूं है कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर इंदौर निवासी श्रीमती दुलारी बाई नामदेव उम्र 61 वर्ष अपने मायके भाइयों कैलाश नामदेव प्रदीप नामदेव को राखी बांधने पँचवली ट्रेन से घोड़ाडोंगरी आ रही थी।
नर्मदा पुरम के पास किसी ने उनका बैग ट्रेन से उतार लिया। जब वह घोड़ाडोंगरी पहुंची तो अपने साथ हुई इस घटना का जिक्र उन्होंने अपने परिवार में किया। इस बैग में उनके साड़ी, चांदी की पैर पट्टी, नगद रुपए थे। परिजनों ने भी बहन को सांत्वना दी थी अब जो जाना था चला गया।
इस घटना के करीब 1 वर्ष बाद शुक्रवार 26 जून को दुलारी बाई नामदेव के पास रेलवे सुरक्षा बल के प्रधान आरक्षक सुनील पुरी गोस्वामी ने कॉल किया और बताया कि उनका बैग नर्मदापुरम आरपीएफ पुलिस के पास है और आकर ले जाएं।
जानकारी मिलने पर उनके भाई प्रदीप नामदेव नर्मदापुरम पहुंचे और उन्होंने आरपीएफ पुलिस ने उन्हें उनका बैग सौप दिया । प्रदीप नामदेव ने बताया कि बैग में सभी सामान सुरक्षित मिल गया। जिसके लिए उन्होंने आरपीएफ पुलिस और प्रधान आरक्षक सुनील पुरी गोस्वामी को धन्यवाद दिया।
प्रदीप ने बताया कि हमने इस संबंध में कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई थी और बैग मिलने की उम्मीद भी पूरी तरह छोड़ चुके थे। लेकिन आरपीएफ पुलिस के कारण बेग मिल गया ।
ऐसे मिला बैग
प्रदीप नामदेव ने बताया कि बैग में उनकी बहन का आधार कार्ड और बिजली बिल की रसीद थी ।उनकी बहन जिस ऑनलाइन सेंटर से बिजली बिल जमा करती थी उसका नंबर बिजली बिल की रसीद में था। आरपीएफ पुलिस ने उस नंबर पर कांटेक्ट कर दुलारी भाई का संपर्क नंबर ढूंढा और उसके बाद उन्हें बैग मिल पाया।