मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद एवं युवा कांग्रेस घोड़ाडोंगरी के नेतृत्व में महान आदिवासी जननायक और बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस पर छायाचित्र पर फूल माला अर्पण कर पौधारोपण किया *मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष आजाद सिंह इरपाचे* ने बताया
हर साल 9 जून को महान आदिवासी क्रांतिकारी योद्धा बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि बलिदान दिवस मनाया जाता है。 सन 1900 में, मात्र 25 वर्ष की आयु में रांची की जेल में उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी थी。 उन्हें ‘धरती आबा’ भी कहा जाता है。बिरसा मुंडा के काम करने का तरीका मुख्य रूप से जल, जंगल और जमीन की रक्षा, सामाजिक सुधार और विदेशी सत्ता के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष पर केंद्रित था : वही *युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रुपेश भोरवंशी* ने कहा
जनजागृति और सांस्कृतिक पुनर्जागरणउन्होंने आदिवासियों को एकजुट करने के लिए धार्मिक और सामाजिक सुधारों का रास्ता अपनाया。 उन्होंने लोगों को शराब (हड़िया) छोड़ने, डायन-प्रथा जैसी कुरीतियों से दूर रहने और साफ-सफाई से रहने का संदेश दिया और प्रकृति पूजा को बढ़ावा दिया था。
. *नगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल इवने* बताया उलगुलान (महाविद्रोह)उनका नारा था “अबुआ दिशुम, अबुआ राज” (हमारा देश, हमारा राज)। उन्होंने ब्रिटिश शासकों और बाहरी शोषकों (दिकुओं – जमींदारों व साहूकारों) के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध (छापामार) रणनीतियों का इस्तेमाल किया।
*घोड़ाडोंगरी कांग्रेस मांडलम अध्यक्ष दिलीप यादव* ने कहा उनके नेतृत्व में किए गए विद्रोह को ‘उलगुलान’ कहा गया ऐतिहासिक परिणाम उनके क्रांतिकारी आंदोलनों के दबाव में ही ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा और छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act, 1908) लागू करना पड़ा, जिसने आदिवासी जमीन की बाहरी लोगों द्वारा खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी। बलिदान दिवस के कार्यक्रम में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद युवा विभाग के जिला अध्यक्ष आजाद सिंह इरपाचे युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रुपेश भोरवंशी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष राहुल इवने, घोड़ाडोंगरी मंडलम अध्यक्ष दिलीप यादव, जंगल धुर्वे, सरवन नर्रे,राजा इमरान खान, राकेश साहू, शैलेंद्र धुर्वे, आयुष यादव चंदू वरकड़े
खुशाल यादव वकील यादव रोहित इवने सहित सामाजिक बंधु एवं कांग्रेस मोर्चा संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे