बैतूल। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने उनके जीवन, विचारों और समाज सुधार में दिए गए योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में महिला जिला अध्यक्ष दीपिका बौरासी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए अतुलनीय कार्य किए।
उनका मानना था कि जब तक महिलाएं शिक्षित नहीं होंगी, तब तक वे आत्मनिर्भर नहीं बन सकतीं। जिला अध्यक्ष सतीश बौरासी ने सभी से अपील की कि वे डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और एक समतामूलक एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
जिला प्रमुख सचिव विनोद कुमार कैथवार ने अपने संबोधन में कहा कि गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान में डॉ. अंबेडकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने समाज में समानता और न्याय स्थापित करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया। महिला जिला उपाध्यक्ष सरिता झरबड़े ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का “शिक्षित रहो, संगठित रहो, संघर्ष करो” का नारा आज भी सभी वर्गों के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सतीश बौरासी, महिला जिला अध्यक्ष दीपिका बौरासी, महिला जिला उपाध्यक्ष सरिता झरबड़े, जिला प्रमुख सचिव विनोद कुमार कैथवार, जिला प्रभारी संजय अग्रवाल, जिला मंत्री राकेश सोनी, जिला महामंत्री राजेश पाटिल, जिला संगठन मंत्री मुकेश सोनी, जिला उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल, जिला उप मंत्री निखिलेश गजभिए, तहसील अध्यक्ष राजेश वागद्रे, दीपक बड़घरे, तहसील महामंत्री राकेश डेहरिया, दशरथ पंडौले सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
