देश की आजादी के महान क्रांतिकारी शहीद वीर मनीराम अहिरवार एवं स्व. नर्मदा प्रसाद जाटव जी महान पुरोधा थे*

मूलचंद मेधौनीया

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देश की आजादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नरसिंहपुर जिला के रविदास कौम हितैषी तहसील गाडरवारा के नगर चीचली में महात्मा गाँधी जी के आवाहन पर जब सन 1942 में स्वतंत्रता के लिए आंदोलन चल रहा था तब वीर मनीराम अहिरवार जी गौड़ राजा चीचली महल के सेवादार थे, उन्हीं दिनों अंग्रेजी सेना चीचली महल को लुटने व कब्जा करने के उद्देश्य से आये. जिनसे वीर मनीराम अहिरवार ने भीषण युद्ध कर उन्हें गांव से खदेड़ कर विजय प्राप्त की. उन्हें छल बल से अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार कर

अपनी गुप्त जेल लेकर गये. जहां उन्हें चीचली नरेश के राजमहल की गुप्त जानकारी अंग्रेजों ने चाही न बताने पर उन पर अत्याचार किये. उन्होंने हर जुल्म को सहते हुए अपने राजा की कोई भी जानकारी नही दी. अंग्रेजी अफसर हैरान होकर मनीराम से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के युवाओं को गुलामी व बेगारी कराने हेतु युवाओं को अपनी सेना में लेकर सभी को गुलाम बनाना चाहते थे. लेकिन वीर सपूत मनीराम ने उनकी कोई भी शर्ते न मानी तो अंग्रेजों ने उनकी जान ले ली. उन्होंने भी अपने वतन, समाज के खातिर अपनी जान न्यौछावर कर समाज का मान बढ़ा दिया.

वीर सपूत मनीराम जी की गौरव गाथा नरसिंहपुर जिला के लेखक श्री मुकेश चौधरी ने पूर्व विधायक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री नर्मदा प्रसाद जाटव जी जीवन गाथा “कांर्तिदूत” के प्रकाशन में नरसिंहपुर की महान शान जो की बोहानी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे. जिन्होंने जीवन भर सामाजिक बदलाव के लिए अनवरत प्रयास किया. तथा देश की आजादी में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रुप में योगदान दिया. इन्हें भी आज तक जो सेनानियों को सम्मान मिलता है, वह नहीं दिया क्योंकि यह महापुरुष दलित बिरादरी में जन्में थे. अन्य वर्ग के होते तो इनके नाम पर स्मारक, भवन, पार्क, आदमकद मूर्ति लगाई जाती. लेकिन अभी तक की सरकारों ने हमारे महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की उपेक्षा की और आज तक कोई भी सम्मान न देकर संपूर्ण समाज का इतिहास को छुपाने का भरसक प्रयास किया है.

हमारे शहीद व सेनानियों का सम्मान दिलाने के लिए अब समाज आगे आ रही है, समाज में नाराज़गी भी है कि ऐसी उपेक्षा कर हमारे महापुरुषों का इतिहास दबाकर अन्याय किया है, देश और प्रदेश के बुद्धिजीवी साहित्कार, पत्रकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता इत्यादि सभी अपने महान क्रांतिकारी और शहीदों को सम्मान दिलाने के लिए हर संभव मदद के लिए एकजुट होकर काम कर रहे है. इसी दिशा में नरसिंहपुर जिला के लेखक श्री मुकेश चौधरी जी ने अपनी पुस्तक में शहीद वीर मनीराम अहिरवार जी की जीवन गाथा प्रकाशित कर सम्पूर्ण देश और प्रदेश के जनमानस को ऐसे महान क्रांतिकारी वीरों को नमन किया जा रहा है.