गायत्री मंत्र महत्व

समीर पाठक

🙏गायत्री मंत्र क्यों और कब ज़रूरी है ?🚩

🚩 सुबह उठते वक़्त 8 बार
👉 अष्ट कर्मों को जीतने के लिए

🚩 भोजन के समय 1 बार
👉 अमृत समान भोजन प्राप्त होने के लिए

🚩 बाहर जाते समय 3 बार
👉 समृद्धि सफलता और सिद्धि के लिए

🚩 मन्दिर में 12 बार
👉 प्रभु के गुणों को याद करने के लिए

🚩 छींक आए तब गायत्री मंत्र उच्चारण 1 बार
👉 अमंगल दूर करने के लिए

🚩 सोते समय 7 बार
👉 सात प्रकार के भय दूर करने के लिए

🚩ॐ भूर्भुवः स्वःतत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्🙏

🚩यह मंत्र सूर्य देवता (सवितुर) के लिये प्रार्थना रूप से भी माना जाता है🙏

🚩हे प्रभू! आप हमारे जीवन के दाता हैं। आप हमारे दुख़ और दर्द का निवारण करने वाले हैं आप हमें सुख़ और शांति प्रदान करने वाले हैं 🙏
हे संसार के विधाता हमें शक्ति दो कि हम आपकी ऊर्जा से शक्ति प्राप्त कर सकें, कृपा करके हमारी बुद्धि को सही रास्ता दिखायें 🙏

🚩मंत्र के प्रत्येक शब्द की व्याख्या गायत्री मंत्र के पहले नौं शब्द प्रभु के गुणों की व्याख्या करते हैं।

🚩• ॐ = प्रणव
🚩• भूर = मनुष्य को प्राण प्रदाण करने वाले
🚩• भुवः = दुख़ों का नाश करने वाले
🚩• स्वः = सुख़ प्रदान करने वाले
🚩• तत = वह,
🚩• सवितुर = सूर्य की भांति उज्जवल
🚩• वरेण्यं = सबसे उत्तम
🚩• भर्गो = कर्मों का उद्धार करने वाले
🚩• देवस्य = प्रभू
🚩• धीमहि = आत्म चिंतन के योग्य (ध्यान)
🚩• धियो = बुद्धि
🚩• यो = जो,
🚩• नः = हमारी,
🚩• प्रचोदयात् = हमें शक्ति दें।