लोकसभा सुरक्षा चूक मामले पर लगातार व्यवधान के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित, चौदह विपक्षी सांसद अभद्र व्यवहार के कारण पूरे सत्र के लिए निलंबित
लोकसभा में कल हुई सुरक्षा चूक की घटना को लेकर संसद के दोनों सदनों में आज लगातार गतिरोध बना रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में दूसरे स्थगन के बाद तीन बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर घटना को लेकर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। वे इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान और कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष के नौ सदस्यों के अनुचित व्यवहार के लिए उन्हें शाीतकालीन सत्र की शेष बैठकों से निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले स्थगन के बाद दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डी.एम.के., जनता दल यूनाइटेट और अन्य दलों के सदस्य सुरक्षा चूक के मामले पर नारे लगाते हुए सदन के बीचों बीच आ गए।
श्री जोशी ने कहा कि कल की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और सासंदों की सुरक्षा के लिहाज से काफी गंभीर थी। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की सुरक्षा सुदृढ करने के लिए बैठक की। उन्होंने कहा कि सांसदों के कुछ सुझावों को लागू कर दिया गया है और अन्य उपाय किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि संसद भवन की सुरक्षा अध्यक्ष के दायरे में आती है और श्री बिडला ने उच्चस्तरीय जांच के लिए गृह सचिव को पत्र लिख दिया है।
श्री जोशी ने बताया कि ऐसे गंभीर राष्ट्रीय मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के पांच सदस्यों को अनुचित व्यवहार के लिए शीतकालीन सत्र की शेष बैठकों से निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की आज की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस, डी.एम.के. तथा अन्य दलों के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी को संसद की सुरक्षा की चिंता है और इस सिलसिले में कल नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने बताया कि संसद की सुरक्षा लोकसभा सचिवालय की जिम्मेदारी है और सरकार सुरक्षा संबंधी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर जांच के आदेश दे दिये गये हैं तथा ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सतर्कता बरतनी चाहिए। गतिरोध के बीच अध्यक्ष ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की पर ऐसा संभव नहीं हो पाया। बाद में उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा में भी गतिरोध देखा गया। पांचवे स्थगन के बाद शाम चार बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डी.एम.के, वामदल, राष्ट्रीय जनता दल, शिव सेना उद्धव ठाकरे गुट तथा अन्य सदस्यों ने सुरक्षा में चूक के मामले को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। सभापति जगदीप धनखड ने तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद डेरेक ओ ब्रायन को बार-बार सदन से जाने को कहा लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद सदन के नेता पीयूष गोयल ने श्री ब्रायन के अनुचित व्यवहार से जुडे मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने का प्रस्ताव पेश किया। समिति से तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। सभापति ने श्री ब्रायन द्वारा उनकी आज्ञा की लगातार अहवेलना करने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई।
लोकसभा में विपक्षी दलों के 13 सदस्यों और राज्यसभा के एक सदस्य को अनुचित व्यवहार के लिए संसद के शीतकालीन सत्र की शेष बैठकों से निलंबित कर दिया गया है। लोकसभा में भोजनावकाश के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के पांच सदस्यों को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। टी.एन प्रतापन, राम्या हरिदास, एस. जोतिमणि, डीन कुरयाकोस और हिबि एडन को निलंबित करने का प्रस्ताव ध्वनिमत से मंजूर कर लिया गया। इसके बाद आठ और सदस्यों को अनुचित व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया गया।
इन सदस्यों में कांग्रेस के वी.के. श्रीकंडम, बेनि- बेहान्न, मोहम्मद जावेद और मणिकम टैगोर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पी.आर नटराजन और एस. वेंकटेशन, डीएमके की कणिमोझी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सुब्बारायन शामिल हैं। डी.एम.के. सांसद एस. आर. परतिबन का नाम लोकसभा की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए निलंबित विपक्षी सदस्यों में से एक था। सरकार ने बाद में स्पष्ट किया कि श्री परतिबन का नाम गलती से लिया गया।
संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि कुल 13 विपक्षी सांसदों को लोकसभा से निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष से श्री परतिबन का नाम निलंबित सांसदों की सूची से हटाने का आग्रह किया गया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन को निलंबित कर दिया गया। स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति जगदीप धनखड ने अनुचित व्यवहार के लिए डेरेक ओ ब्रायन का नाम लिया।
इसके बाद राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने उन्हें निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया जिसे ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया। सभापति के कई बाद निर्देश देने के बावजूद श्री ओ ब्रायन के सदन छोडने से इंकार करने पर उनके अनुचित व्यवहार और सभापति की आज्ञा की अवहेलना करने से जुडे मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने का प्रस्ताव पेश किया गया। समिति से तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।







