जीवन निर्माण का सर्वश्रेष्ठ उपाय आत्मानुशासन – – पं. राम नारायण मिश्र

सारणी. गायत्री परिवार की सारणी शाखा द्वारा 16 से 19 दिसंबर तक रामरख्यानी स्टेडियम सारणी में 51 कुंडीय नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ का आयोजन युग तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में संपन्न होगा. इस महायज्ञ की पूर्व तैयारी व प्रचार-प्रसार के लिए हरिद्वार से आए केंद्रीय प्रतिनिधि श्री राम नारायण मिश्र जी ने इस महायज्ञ के लिए आयोजित कार्यकर्ता गोष्ठी को संबोधित करते हुए बताया कि आत्मानुशासन, अनुशासन, प्रशासन आदि में से आत्मानुशासन ही सर्वोत्तम माध्यम है जिससे अपने व्यक्तित्व का कायाकल्प किया जा सकता है और जीवन को सफल तथा महान बनाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि दूसरों की कमियां ढूंढने से बेहतर है कि अपनी अच्छाई को बढ़ाया जाए. सम्मान पाना है तो सम्मान भी देना पड़ेगा. चूँकि आत्मा का वास्तविक घर यह शरीर है अतः शरीर को भी स्वस्थ रखने के लिए भी उचित आहार विहार का ध्यान रखना चाहिए. बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने दिवाली पर्व के बाद कार्यक्रम के सघन प्रचार प्रसार प्रचार की रूपरेखा बनाई. बैठक में गायत्री परिवार के प्रबंधक मंडल सदस्यों के अलावा अन्य कार्यकर्ता गण मौजूद थे.

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