धूम मचाई ” बाबा के अंगने में नच बलिये ” के कलाकारों ने

 

सारनी। सतपुड़ा सांस्कृतिक उत्सव समिति सारनी के तत्वावधान में 04 अक्टूबर को ओ.पी. सरोज के निर्देशन में बाबा के अंगने में नय बलिये का रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया , जिसमें नगर के प्रतिभावान बच्चे एवं युवाओं से बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया । कार्यक्रम में सबसे अधिक उत्साह वाली बात यह रही कि विगत कई वर्षों से स्थानीय स्तर के युवा रंगकर्मियों एवं कलाकारों द्वारा ओ.पी. सरोज के निर्देशन में बाबा के अंगने में नच बलिये का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता रहा है

किन्तु इस वर्ष लगभग 200 बच्चों एवं युवाओं द्वारा दी गई रंगारंग प्रस्तुति से जहाँ एक ओर पंडाल झूम उठा वहीं दूसरी ओर पंडाल में कदम रखने की जगह भी नहीं बची थी । जैसा कि सर्व विदित है प्रति वर्षानुसार ओ.पी सरोज द्वारा बाबा के अगने में नय बलिये के जरिये स्थानीय बच्चों एवं युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर से परिचय करवाया जाता रहा है । इस वर्ष भी 04 अक्टूबर को प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रम में सभी स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा की धूम मचाई ।

स्थानीय स्तर पर दी जाने वाली यह एक अनूठी प्रतिभावान सांस्कृतिक धरोहर है , जो बाबा मठारदेव की नगरी सारनी को विगत कई वर्षों से समर्पित रही है । रंगारंग कार्यक्रम की खासियत देखी जाये तो इस कार्यक्रम में कुल 48 गीतों के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की झलक देखने को मिली । कार्यक्रम को आयोजित करने में म ० प्र ० पाजकलि ० सारनी में कार्यरत ओ.पी. सरोज का निर्देशन स्वतः ही हमेशा की तरह दमदार रहा क्योंकि न केवल ” बाबा के अंगने में नच बलिये का कार्यक्रम वरण ओ.पी. सरोज द्वारा हर सांस्कृतिक मंच पर इस प्रकार के अनेकानेक कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता रहा है ।

कुशल नेतृत्व एवं मंच के अद्भूत कलाकारों को हमेशा ही ओ.पी. सरोज द्वारा कड़ी मेहनत एवं लगन से संवारा गया है । प्रत्येक कलाकार द्वारा नच बलिये के कार्यक्रम में अपने उत्कृष्ट नृत्य एवं ताल के माध्यम से लयबद्ध तरीके से उक्त कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये । ” बाबा के अगने में नच बलिये ” द्वारा दी गई उत्कृष्ट एवं सराहनीय प्रस्तुति के लिये मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सभी अधिकारियों एवं स्थानीय नगरवासियों द्वारा उक्त कार्यक्रम के निर्देशक ओ.पी. सरोज की प्रशंसा की गई ।

आने वाले समय में वह दिन दूर नहीं है , जब हमें अपने स्थानीय कलाकारों के दम पर हर सांस्कृतिक आयोजनों में उत्कृष्ट प्रतिभा देखने के लिये कहीं और भटकना पड़ेगा । कार्यक्रम को सफल बनाने में व्ही.डी. त्रिपाठी , विवेक कोसे , यादोराव घोटे एवं रमेश गव्हाडे का विशेष योगदान रहा ।

कोरियोपुर – काजाल बिन्दूर आरती खोली जलकु कमलेश लोखण्डे समीष चौकीक कार्यक्रम मेनेजर – प्रभा दून विणाय

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