पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ गाँव-गाँव पहुँच रही जन चेतना पदयात्रा

 

 

रानीपुर से छाँवल तक आध्यात्मिक चेतना, नशामुक्ति और सामाजिक जागरण का संदेश पहुँचा रही गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति

 

बैतूल। गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति, रानीपुर के तत्वावधान में संचालित जन चेतना पंच परिवर्तन पदयात्रा गाँव-गाँव सामाजिक जागरण, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। धर्मध्वजाओं के साथ चल रहे पदयात्री विभिन्न ग्रामों में जनसंवाद के माध्यम से लोगों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के लिए जागरूक कर रहे हैं। यह अभियान केवल पदयात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाने, नशामुक्ति को प्रोत्साहित करने और जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है।

 

रानीपुर, कुही से छाँवल तक गाँव-गाँव जनजागरण

 

यात्रा संयोजक श्री प्रतीक राठौर ने बताया कि जन चेतना पंच परिवर्तन पदयात्रा रानीपुर, कुही, भोपाली, डांगवा, जामखोदर, बेलून्ड और बोरी सहित विभिन्न ग्रामों से होते हुए माँ रेणुका धाम, छाँवल (आमला) तक पहुँचती है। यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले इन गाँवों के साथ-साथ आसपास के अन्य ग्रामों में भी जनजागरण किया जाता है। इसके माध्यम से क्षेत्र में आध्यात्मिक एवं सकारात्मक संदेश पहुँचाने के साथ नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर लोगों को प्रेरित किया जाता है।

 

जगह-जगह स्वागत, बढ़ता जाता है यात्रा का उत्साह

 

श्री घनश्याम ने बताया कि जैसे-जैसे पदयात्रा आगे बढ़ती है, विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा उसका स्वागत किया जाता है। लोगों की सहभागिता, धर्मध्वजाओं और सामूहिक उत्साह के कारण यात्रा का वातावरण धीरे-धीरे भव्य एवं दिव्य स्वरूप ले लेता है। पदयात्रा के दौरान बनने वाला यह वातावरण लोगों को सामाजिक एकता, आध्यात्मिक मूल्यों और सकारात्मक जीवनशैली से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

 

पंच परिवर्तन के पाँच आयाम, समाज परिवर्तन का आधार

 

पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य पंच परिवर्तन के पाँच प्रमुख विषयों—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व-आधारित जीवन तथा नागरिक कर्तव्यबोध एवं शिष्टाचार—को जन-जन तक पहुँचाना है। इन विषयों के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, परिवार में संस्कार, स्वावलंबन और नागरिक कर्तव्यों के पालन की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

विचार से व्यवहार तक का संकल्प

 

रानीपुर आश्रम से माँ रेणुका धाम, छाँवल तक आयोजित यह पदयात्रा 13 अक्टूबर 2026 से 6 अप्रैल 2027 तक चलने वाले अभियान का हिस्सा है। गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति का उद्देश्य है कि पंच परिवर्तन के विचार केवल चर्चाओं तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के व्यवहार और जीवनशैली में दिखाई दें। “विचार से व्यवहार तक” के ध्येय के साथ यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, नशामुक्ति, सांस्कृतिक चेतना और जिम्मेदार नागरिक जीवन की प्रेरणा देते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।

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