बाहुडा रथयात्रा 9 वे दिन भगवान जगन्नाथ महाप्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर में धूमधाम से रथ पर विराजित होकर वापस आये
__प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी उत्कल घासी समाज उत्थान समिति सारणी एव समस्त ओड़िया समाज सारणी एवं सारणी नगर के जगन्नाथ भक्तों , सामाजिक संगठनों धर्म प्रेमियों के के सयुक्त
तत्वाधान में सारणी नगर में बड़े ही धूमधाम बैंड बाजा ढोल नगाड़ों के साथ भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा के पश्चात बाहुड़ा रथयात्रा धूमधाम से निकली जिसमें नगर समाज के भक्तों गण की भीड़ शामिल हुए । उत्कल समाज समिति अध्यक्ष अमित सिंदूर सचिव कीर्ति नायक ने जानकारी देते हुए के बताया कि भगवान अपने मौसी मां के घर मिलने जाते है फिर नो वे दिन भगवान जगन्नाथ महाप्रभु अपने दोनों भाई बहन माता सुभद्रा भगवान बलभद्र जी के साथ पुन रथ में विराजमान होकर अपने श्री मंदिर जगन्नाथ मंदिर में वापस आकर अपने स्थान पर विराजमान होते है । पंडित संतोष शर्मा जी ने भगवान को मंत्रोच्चारण के साथ पूजन हवन कर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु वापस आने पर विधि विधान पूजन मंत्रों से विराजमान भक्तों के साथ मिलकर किया ।
उन्होंने बताया कि भगवान अपने मौसी मां के घर से आने के लिए पुन रथ में विराजमान हुए ओर सुपर एफ हाईस्कूल से विजय नगर ओड़िया मोहल्ला सुपर एफ एवं जी टाइप सिविल ऑफिस रोड मार्गो होकर अपने जगन्नाथ मंदिर में ढोल नगाड़ों भक्ति गीतों की धुन पर मंदिर वापस आये जिनका स्वागत महिलाओं ने आरती के पुष्प माला अर्पित कर धूमधाम से किया । संध्याकालीन भगवान मंदिर में विराजमान होने के पश्चात सुप्रसिद्ध भजन गायक दिलीप बारस्कर एवं नकुल बारस्कर , पार्षद मीना ददन सिंह , कबीर सिंदूर , हंसराज सिंदूर , दीपक सोनी , धनंजय डोंगरे , गोपाल मालवीय सभी कलाकारों की टीम ने इस से बढ़कर एक भजनो की प्रस्तुतिया दी जिसमें भक्तों गण नाचते गाते झूम उठे ।इस अवसर पर संस्थापक सदस्य रंजीत डोंगरे निराकार सागर , कुबेर डोंगरे संदीप डोंगरे , रवि सिंदूर चंद्रकांत सोनी अध्यक्ष
अमित सिंदूर सचिव कीर्ति नायक सह सचिव बिरंचि महानंद एव वरिष्ठ परमानंद सिंदूर , धनिष्ठ कुमार , पीतम सिंदूर ,, सुरेशन नागेश , धनवंत सिंदूर युवा सदाशिव नागेश डॉनचि महानंद , सत्यम नागेश प्रह्लाद सिंदूर मनोज सिंदूर हितेश सिंदूर , राकेश डोंगरे किशोरी सोनी हितेन सिंदूर जय सिंदूर महिला सदस्य माधवी सिंदूर , निशा महानंद , संयोगिता सागर सोनिया नागेश प्रियंका महानद अनीता सिंदूर काजल डोंगरे आदि अन्य सामाजिक बंधुगण महिलाएं बुजर्गगण बहने बच्चे युवा एव जगन्नाथ भक्त गण धर्म प्रेमी ओर नगर के आमजनमानस गण भारी संख्या में मौजूद थे ।