अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा भारत को नशा मुक्त बनाने तथा केंद्र शासन के सहयोग से विश्व स्तर पर नशा मुक्ति जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को अखिल विश्व गायत्री परिवार शाखा नर्मदापुरम एवं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग नर्मदापुरम के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। रैली प्रातः 7:00 बजे नेहरू पार्क नर्मदापुरम से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नर्मदा महाविद्यालय के सभागार में पहुँची, जहाँ एक विशेष जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के परिजन, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनें, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, नगर पालिका के कर्मचारी, नर्मदा महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के सदस्य तथा शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सर्वप्रथम सुरेश चंद्र सराठे ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ संकल्प लेना चाहिए कि हम स्वयं कभी तंबाकू एवं उससे बने उत्पादों का सेवन नहीं करेंगे और न ही अपने परिजनों को इसके लिए प्रेरित होने देंगे।
श्री रितेश दत्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज से इस नशा रूपी व्यसन को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी मिलकर प्रयास करें तो हमारा देश निश्चित रूप से एक दिन नशामुक्त बन सकता है।
नर्मदा महाविद्यालय के प्रोफेसर शास्त्री ने सुझाव दिया कि जिले में तंबाकू उत्पादों, गुटखा एवं पाउच की दुकानों के संचालन हेतु लाइसेंस व्यवस्था लागू की जानी चाहिए तथा विशेष रूप से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के आसपास ऐसी दुकानों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बहन सुनीता जी ने बताया कि नशा रूपी राक्षस किस प्रकार समाज एवं राष्ट्र को नुकसान पहुँचा रहा है। उनके मार्गदर्शन में नशा मुक्ति विषय पर एक प्रभावशाली नाटक का मंचन भी किया गया। इसके पश्चात ब्रह्माकुमारी संस्था से पधारे मनोज कुमार जी ने ध्यान सत्र का संचालन किया तथा नशामुक्त जीवन के लिए आवश्यक उपायों पर प्रकाश डाला।
अखिल विश्व गायत्री परिवार जिला समन्वय समिति के व्यसन मुक्ति अभियान प्रभारी यू.के. सिंह ने बताया कि बच्चे किस प्रकार नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं तथा उन्हें इससे बचाने के लिए परिवार एवं समाज की क्या भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास एवं “ना” कहने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम में श्री एन.डी. सराठे द्वारा युग निर्माण सत्संकल्प के 18 सूत्रों का पाठ कराया गया। शपथ ग्रहण के साथ सभी उपस्थित लोगों ने मध्यप्रदेश एवं भारत को नशामुक्त बनाने के संकल्प के समर्थन में हस्ताक्षर किए तथा प्रशासन से जिले को नशामुक्त बनाने हेतु विशेष पहल करने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन अखिल विश्व गायत्री परिवार भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला संयोजक चंद्र मोहन गौर द्वारा किया गया। अंत में सामाजिक न्याय विभाग की ओर से उपस्थित सभी परिजनों को स्मृति स्वरूप पेन प्रदान किए गए। कार्यक्रम की सफलता में सामाजिक न्याय विभाग के श्री अनिल कुमार का विशेष सहयोग रहा। इसी प्रकार के कार्यक्रम पूरे जिले की विभिन्न तहसीलों पर संपन्न हुए