अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा गायत्री शक्तिपीठ सेठानी घाट नर्मदा पुरम में आयोजित किया गया। भारतीय संस्कृति ज्ञान कक्षा 5 से लेकर कक्षा 12वीं तक एवं महाविद्यालय स्तर तक संपन्न कराई जाती है एवं प्रत्येक कक्षा में प्रथम ,द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तर एवं तहसील स्तर सम्मानित किया जाता है । उसी के अंतर्गत गायत्री शक्तिपीठ सेठानी घाट नर्मदापुरम में आदरणीय श्री एलएन प्रजापति जिला शिक्षा अधिकारी, श्रीमती ज्योति सिंह प्राचार्य जवाहर नवोदय पावर खेड़ा ,श्रीमती आशा मीणा प्राचार्य माता शबरी कन्या शिक्षा परिषद पवार खेड़ा , श्री संदीपन निखर प्राचार्य संदीपन विद्यालय पवारखेड़ा, श्री अनुराग मिश्रा जिला समन्वयक गायत्री परिवार जिला नर्मदापुरम की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 24 बच्चों को एवं नर्मदापुरम तहसील स्तर पर 32 बच्चों को पुरस्कृत किया गया तथा विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 53 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला संयोजक चंद्र मोहन गौर ने बताया कि यह परीक्षा में नर्मदापुरम जिले में लगभग 263 विद्यालयों में परीक्षा संचालित हुई जिसमें कक्षा 5 से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया परीक्षा में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न विषयों से आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमें भारतीय
संस्कृति ,सभ्यता,खेल,राजनीति ,योग ,जनरल नॉलेज तार्किक प्रश्न आदि विभिन्न स्तर से प्रश्न पूछे जाते हैं इस परीक्षा का संचालन संपूर्ण भारतवर्ष के साथ-साथ विश्व के अनेक किस देश में भी यह परीक्षा संचालित की जाती है । परीक्षा का प्रथम संचालन
1992 -93 में भोपाल गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ हुई थी और आज पूरे संपूर्ण विश्व में यह परीक्षा संचालित होती है । प्राचार्य आशा मीणा ने बताया कि हमें हमारी संस्कृति सभ्यता से बच्चों को जोड़े रखने के लिए यह परीक्षा बहुत उपयोगी होती है हमें अपने विद्यालयों के सभी बच्चों को इस परीक्षा में सम्मिलित करना चाहिए ।प्राचार्य संदीपन निखर ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि इस परीक्षा के माध्यम से हम बच्चों में संस्कार सभ्यता एवं महापुरुषों के आदर्श गुण को स्थापित कर सकते हैं यह परीक्षा हमारे विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी होती है । प्राचार्य ज्योति सिंह ने बताया कि गायत्री परिवार की योजनाएं समाज में बहुत उपयोगी होती है उसी के अंतर्गत यह परीक्षा एक बहुत उपयोगी परीक्षा है जिसके माध्यम से बच्चों में अच्छे संस्कार आते हैं हमें अपने विद्यालयों में यह परीक्षा अवश्य करनी चाहिए।जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएन प्रजापति ने अपने विचार में बताया की जिले के सभी विद्यालयों में यह भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा होनी चाहिए इस प्रकार की सभी परीक्षाओं में सभी को अपना सहयोग देना चाहिए इस प्रकार की परीक्षाओं से बच्चों में अच्छे संस्कार आते हैं और विद्यार्थी आगे चलकर एक अच्छा नागरिक बन सकता है। जिला समन्वयक अनुराग मिश्रा ने बताया कि गायत्री परिवार के स्वयंसेवकों
परिजनों के द्वारा समाज में कई अन्य स्तरों पर विभिन्न कार्य संपन्न कराए जाते हैं परम पूज्य गुरुदेव की 100 सूत्री योजनाओं में से एक योजना शिक्षा आंदोलन जिसके अंतर्गत भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा भी है इसका सफल आयोजन पूरे जिले में संपन्न होता है जिससे बच्चे अच्छे संस्कार एवं हमारी भारतीय संस्कृति से परिचित होते हैं। अंत में तहसील समन्वयक यूके सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया गया कार्यक्रम का सफल संचालक जिला समन्वय समिति के सदस्य ओमप्रकाश गौर के द्वारा किया गया कार्यक्रम में वरिष्ठ गायत्री परिवार के सदस्य श्री सुरेश चंद्र सराठे,तुलसीराम बावरिया,परसराम बतोसीया
संतोष यादव,श्रीमती वरुण सिंह सिंह, शिवकुमार विश्वकर्मा दीप्ति गुहिया एं डी सराठे ,कृष्ण कुमार उपाध्याय, दीक्षा गौर, आरती गौर ज्योति बड़ोदिया, अशोक यादव आदि कई वरिष्ठ गायत्री परिजन उपस्थित रहे सभी उपस्थित परिजनों ने पुरस्कृत बच्चों को शुभकामनाएं दी एवं मां गायत्री से प्रार्थना कारी की इन बच्चों का भविष्य उज्जवल हो और यह आगे और अच्छा नाम करें अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ
