पाथाखेड़ा । सरकार की श्रमिक ,किसान, विरोधी नीतियों के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज करते हुए पाथाखेड़ा के किसी भी माइन पर कोई मज़दूर नहीं गये और ना माइन से कोयले का एक टुकड़ा बहार निकला ।
पाथाखेड़ा की सभी तीनों खदानों पर शून्य उत्पादन और कोई कोल परिवहन हुआ ।
यूनियन के नेताओं द्वारा सुबह पांच बजे से ही माइन के गेट पर खड़े होकर कामगारों को हड़ताल का उद्देश्य समझाते ।
नहीं हुआ कोल परिवहन
देशव्यपी हड़ताल मैं ट्रांसपोर्ट यूनियन की सहमति होने से किसी भी तरह से पाथाखेड़ा की माइन से परिवहन नहीं किया गया
बीएमएस के सदस्यों नहीं भी नहीं दिखाई ड्यूटी मैं रुचि ।
पूरे एरिया मैं कामगारों औऱ कंपनी के हित में बीएमएस के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई ,बस केवल बीएमएस के इकाई और एरिया के पदाधिकारियों ने माइन पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई







