मालवाअंचल की सबसे बड़ी 150 किलोमीटर की बोल बम कावड़ यात्रा

सुमित गुप्ता

देवास / सावन के पवित्र माह में ,भगवान भोलेनाथ की उपासना कई अलग अलग तरीकों से की जाती है, इनमें से एक है कावड़ यात्रा इसी क्रम में मालवाअंचल की सबसे बड़ी 150 किलोमीटर की बोल बम कावड़ यात्रा मां नर्मदा के पवित्र धाराजी तट से बाबा महांकाल उज्जैन तक लगातार 27 वर्षों से निकाली जा रही है,जो अपने 28 वे वर्ष में दिनांक 6 अगस्त से 13 अगस्त तक निकाली जाएगी, जिसमे देवास सहित अन्य जिले के यात्री भी शामिल होते है। जिनकी संख्या 1200 से अधिक रहती है।

*यात्रा के उद्देश*
कावड़ यात्रा शुरू से ही कहीं उद्देश्य को लेकर निकल जा रही है, जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जल संवर्धन, पेड़ लगाओ पर्यावरण की रक्षा आदि शामिल है। कावड़ यात्री प्रत्येक वर्ष जहां-जहां रात्रि विश्राम करते हैं वहां पर पौधा जरूर लगाते है।
*लोग जुड़ते गए कारवां बढता गया*
यात्रा की शुरुवात सन 1997 में महज 51 यात्रियों के साथ हुई थी,जो वर्ष 2023 में 1200 पहुंच गई ,2024 में भी 1200 से अधिक यात्री शामिल होने की उम्मीद है।
*यात्रा के माध्यम से किए गए सेवा कार्य*
प्रत्येक कावड़ यात्री से पंजीयन शुल्क की राशि ली जाती है जिससे अभी तक कावड़ यात्रा संघ ने 20 लाख से अधिक की राशि से एकत्रित की है लेकिन कार्य 50 लाख से अधिक के कर दिए है जिसमे , धाराजी धर्मशाला निर्माण, नर्मदा मंदिर में सहयोग सनातन विचार मंच में सहयोग , चापड़ा में धर्मशाला निर्माण में सहयोग, पूंजापुरा में सामुदायिक हाल निर्माण, नरवल धर्मशाला निर्माण में सहयोग,उत्तराखंड आपदा में सहयोग, चंद्रकेसर गौशाला में सहयोग, बागली मुक्ति धाम में सहयोग, चामुंडा माता मंदिर बरोठा में टीन सेट निर्माण में सहयोग,बोरखेड़ा धर्मशाल निर्माण में सहयोग,टप्पा,पटाड़ी में सहयोग राशि प्रदान कर चुका है।
*यात्रा को लेकर तैयारी*
निमखेडा के आदिवासी भाई संतोष निगम ,अपनी ड्रेस बनवा रहे है,‌‌ वही डकाचिया के
पोपसिंह यादव अपनी कावड़ अलग तरह से सज रहे हैं, विजय सिंह सेंधव, अनारसिह सेंधव, रमेश अंकल,कल्याण सिंह जी कावड़ यात्रा में भजन गाने के लिए अपनी ढोलक एवम पेटी को तैयार कर रहे हैं।

*यात्रा के पडाव*
यात्रा का प्रथम पड़ाव पीपरी में मंगलवार 6 अगस्त को रहेगा, 7 अगस्त बुधवार को यात्रा पूंजापुरा पहुंचेगी, 8 अगस्त गुरुवार को यात्री चापड़ा में रात्रि विश्राम करेंगे, वहां से हाटपिपलिया होते हुए 9 अगस्त शुक्रवार को बरोठा में रात्रि विश्राम रहेगा,10 अगस्त शनिवार को मां चामुण्डा की नगरी देवास में यात्री रुकेंगे,11 अगस्त रविवार को नरवल में ,एवम 12 अगस्त सोमवार को शाम को यात्रा बाबा महांकाल की नगरी उज्जैन पंहुचेगे, 13 अगस्त को प्रातः मां नर्मदा का पवित्र बाबा महाकाल को चढ़कर यात्रा पूर्ण होगी।

यात्रा संयोजक गिरधर गुप्ता, संरक्षक प्रदीप मेहता, पुजारी दीपक, विवेक पंडित ने बताया की इस कावड़ यात्रा के लिए लोगों के फोन पिछले दो माह से आने लगे हैं ,लोग स्वागत सत्कार के लिए अलग-अलग तरह से तैयारी करने में जुटे हैं, कोई मिठाई बांटेगा,कोई फल बटेगा ,कोई दूध पिलायेगा, कोई खिचड़ी खिलाएगा ,तो कोई यात्रियों को श्रीफल भेंट करेगा, इस तरह सामाजिक लोग इस यात्रा का स्वागत सत्कार, रुकने ठहरने की व्यवस्था भोजन व्यवस्था करते हैं, यात्रा में जाने वाले यात्री को 6 अगस्त को प्रातः 9:00 बजे तक धाराजी पहुंचना होगा साथ ही अपना पंजीयन भी कराना होगा।