राजस्व विभाग के पटवारी और जिम्मेदार कर्मचारियों का कमाल है कि घोड़ाडोंगरी में जितनी आबादी भूमि है उससे एक एकड़(43 हजार 560 फीट) ज्यादा आबादी भूमि बिक चुकी है । यह कमाल हुआ है आबादी भूमि 667 में।
अगर देखा जाए तो सूत्रों के मुताबिक कुल आबादी भूमि 18 एकड़ है और बिकने के बाद अब जोड़ने पर 19 एकड़ हो रही है । भू माफिया ने एक एकड़ यानी 43 हजार 560 फीट अधिक जमीन साठगांठ करके बेच डाली है ।विक्रेता ने खुद के पास जितनी वास्तविक भूमि है उससे अधिक भूमि बेच डाली। जिसका नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जो लोग पीढियो से आबादी भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं। उन्हें शासन की योजनाओं धारणाधिकार के तहत भू अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं । वर्षों से परंपरागत रूप से आबादी भूमि पर काबिज लोग अपना अधिकार पाने के लिए शासन की योजना में ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं लेकिन घोड़ाडोंगरी नगर परिषद क्षेत्र में लोगो शासन की मंशा सफल नही हो रही। मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ नगर परिषद घोड़ा डोंगरी में धारणाधिकार के तहत आम जनता को नहीं मिल पा रहा 1
अधिकारी ऐसे मामले में लिप्त भूमाफिया ओर पटवारी लोगों पर कार्रवाई करने की बजाय अधिकार अभिलेख में त्रुटि कहकर इस बड़े कांड को दबा रहे हैं ।
जिन लोगों ने अभी तक अपनी जमीन बेची है उनके वास्तविक भूमि की जांच की जाए तो एक बड़ा भ्रष्टाचार और शासकीय दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आ सकता है और जो भूमाफिया जमीन की खरीदी बिक्री में लगा है वह जितनी जमीन है नहीं उससे ज्यादा बेचकर खुद का और अधिकारियों का भला कर रहा है और आम जनता परेशान है ।
अधिकारी है कि ऐसे भूमाफिया पर कार्यवाही करने की बजाय आम जनता को उसके आवेदनों का निराकरण नहीं कर वर्षों से परेशान हो रहे हैं।
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