ग्राम पंचायतें नल-जल योजना के पूर्णता प्रमाण पत्र तब ही दें, जब कार्य गुणवत्तापूर्ण किया गया हो

अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्व के साथ न्याय करें
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आमजन के हित में कार्य करना हम सबकी जिम्मेदारी
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कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यों की सौ फीसदी पूर्ति हो- सांसद श्री डीडी उइके
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जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक आयोजित
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सांसद श्री डीडी उइके ने कहा कि जिले में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदारीपूर्वक कार्य कर अपने दायित्व के साथ न्याय करें। आमजन के हित में कार्य करना हम सबकी जिम्मेदारी है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यों की जिले में सौ फीसदी पूर्ति हो। श्री उइके बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पंवार, बैतूल विधायक श्री निलय डागा, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वती बारस्कर, कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिलाष मिश्रा सहित समिति के सदस्यगण एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में रबी सीजन के दृष्टिगत किसानों को सिंचाईं हेतु निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि सिंचाईं के सीजन में जले अथवा खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने का कार्य विद्युत विभाग द्वारा मुस्तैदी से किया जाए। भीमपुर एवं अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में घरेलू बिजली की भी समुचित उपलब्धता रहे। इस दौरान विद्युत विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले के भीमपुर विकासखंड में बिजली की समस्या को सुधारने के लिए विद्युत केन्द्रों के अपग्रेडेशन का कार्य कराया जा रहा है। साथ ही बिजली व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए विभाग सतत प्रयासरत है। इस दौरान जिले में बिजली के आड़े हुए खंबों एवं झूल रहे तारों को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के 30 ढानों में बिजली पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है।

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान रबी सीजन में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, किसानों को खाद-बीज समय पर उपलब्ध कराने के उप संचालक कृषि को निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि नकली बीज न बिके, यह ध्यान रखा जाए। पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान बीमा राशि का भुगतान किए जाने की भी समीक्षा की गई। साथ ही कहा गया कि यदि पात्र किसानों को बीमा राशि नहीं मिल पा रही है तो दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन अंतर्गत निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि ग्राम पंचायतें नल-जल योजना के पूर्णता प्रमाण पत्र तब ही दें, जब कार्य गुणवत्तापूर्ण किया गया हो। बैठक में पेटी-ठेकेदारों से योजना में काम नहीं कराने की बात भी कही गई।

आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान सभी पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण व्यवस्था पर चर्चा की गई। उज्जवला गैस योजना के तहत दिए जा रहे गैस कनेक्शन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में उपयुक्त स्थानों पर बांध, जलाशय निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में सडक़ों की स्थिति में सुधार लाने एवं गड्ढा भराई का कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश दिए गए। बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मनरेगा एवं एनआरएलएम के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति भी जानी गई।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में जनप्रतिनिधियों से भागीदारी की अपेक्षा की
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बैठक में कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के तहत 13 अक्टूबर से द्वितीय चरण के शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे इन शिविरों में जाएं एवं पात्र हितग्राहियों के हितलाभ वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हों।

लंपी वायरस से पशुओं के बचाव पशुपालकों को जागरूक करें
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कलेक्टर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान पशुपालकों से लंपी वायरस से बचाव के प्रति जागरूक करें। साथ ही पशुओं के टीकाकरण के लिए भी पशुपालकों को प्रेरित करें।

पोषण वाटिकाओं में होगा जैविक उत्पादन
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बैठक में कलेक्टर श्री बैंस ने बताया कि जिले के 315 आंगनबाड़ी केन्द्रों की मरम्मत के लिए राशि जारी की गई है। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें तैयार पोषण वाटिकाओं में जैविक पद्धति से सब्जी एवं फल उत्पादित किए जाएंगे, ताकि यहां आने वाले बच्चों को बेहतर पोषण सामग्री मिल सके। जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे अपने क्षेत्र की आंगनबाडिय़ों को गोद लेकर विकसित करें। यदि कोई व्यक्ति आंगनबाड़ी के विकास के लिए दान देना चाहते हैं तो वे भी कलेक्टर कार्यालय में दान राशि दे सकते हैं।

 

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