अवैध रूप से सागौन चरपट एवं लट्ठे रखने वाले आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास

खेत में अवैध रूप से सागौन चरपट एवं लट्ठे रखने वाले आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया:-

माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैतूल ने खेत में अवैध रूप से सागौन चरपट एवं लट्ठे रखने वाले आरोपी हरेसिंग परते पिता भोंदू परते उम्र-56 वर्ष निवासी ग्राम निमिया थाना बीजादेही जिला बैतूल को धारा 5/16 म.प्र. वनोपज व्यापार विनियम अधिनियम 1969 के अपराध में दोषी पाते हुये 6 माह के सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपयें के जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से ए.डी.पी.ओ. अजीत सिंह के द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण की पैरवी में सहा0ग्रेड-03 शषीकांत सोनारे द्वारा विषेष सहयोग प्रदान किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 12.03.2017 को वन परिक्षेत्र सावलीगढ़ बैतूल को मुखबिर सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम निमिया में कुछ लोगो ने अपने खेतों में अवैध वनोपज सागौन का सग्रंह कर रखा है। उक्त सूचना पर वनपरिक्षेत्र सावंलीगढ़ द्वारा दल गठित कर ग्राम निमिया निवासी पूनमचंद, सुनिल एवं जयसिंग के खेत से लगे खेत की तलाषी ली गई। तलाषी के दौरान खेत में बड़ के वृक्ष के पास व नाले में सागौन चरपट एवं लट्ठे कुल 11 नग मिले। खेत मालिक की तलाष की गई किंतु वह नहीं मिला तब सुरक्षा श्रमिक उमन्षा से खेत के बारे में पूछा गया कि यह खेत किसका है तो उसने बताया कि यह खेत निमिया गांव के हरेसिंग का है। वन अमले द्वारा निमिया गांव जाकर हरेसिंग के घर पर उसकी तलाष की गई परंतु वह वहां पर भी नहीं मिला। मौके पर मिली सागौन चरपट एवं लट्ठो को जप्त कर जप्तिनामा बनाया गया तथा सूची तैयार की गई। मौके का पंचनामा बनाया जाकर हरेसिंग परते के विरूद्ध वन अपराध दर्ज कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। आवष्यक विवेचना उपरांत आरोपी हरेसिंग परते के विरूद्ध परिवाद पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी हरेसिंग परते को दंडित किया।

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