बेटियों से बोले पंडित प्रदीप मिश्रा – इतना सामर्थ होना चाहिए कि खुद का नही दूसरे का धर्म चेंज करवा सको,बैतूल जिले के लोग गन्ने की तरह
प्रवीण अग्रवाल
बेटियों से निवेदन किया की मां ताप्ती जैसा भाव होना चाहिए कि मां ताप्ती ने कहा था जहां पिता कहेंगे वहां शादी करूंगी।अपने धर्म को छोड़कर दूसरे धर्म में विवाह नही करेंगे जब दूसरा व्यक्ति तुम्हारा धर्म छुड़ाकर दूसरे खुद के धर्म में तुम्हें शामिल कर लेता है तो तुम्हें इतना सामर्थ होना चाहिए कि खुद का नही उसका धर्म चेंज करवा सको । राजा स्वर्ण को मां ताप्ती से विवाह करने के लिए कई परीक्षाएं देनी पड़ी लेकिन मां ताप्ती ने कोई परीक्षा नहीं दी ऐसी दृढ़ता रखो ।
एक बेटी का पिता उसके जन्म से विवाह की तैयारियां करना शुरू कर देता है और वही बेटी जाओ जब परिवार को छोड़कर अपनी मर्जी से विवाह करती है तो क्या गुजरती है यह वही जानता है। बेटियों से कहा कि बाप भी कोई दौलत से कम नहीं है पिता जब तक है दुनिया की सारी दौलत तुम्हारी है तुम राजकुमारी हो बेटों से कहा पिता है तो पलटकर देखने की जरूरत नहीं पड़ती पिता को पहचानो और पापा दोस्त हैं तुम्हारी दौलत है तुम्हारे मित्र जिसने पहचान लिया भले बंगला कोठी तुम्हारा होगा पिता चला गया तो समझ लो दुनिया की सारी दौलत चली गई ।जो नारी कार्तिक महीने का मां ताप्ती का स्नान करती है उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है
विडम्बना ऐसी है कि भारत की भूमि के स्कूलों में बच्चे पढ़ रहे हैं तिलक लगाकर जाने और हाथ में मोली बांधकर चले जाने पर स्कूल से निकाल दिया जाता है घर में बच्चों को गायत्री मंत्र और शिव का जाप सिखाना चालू करें वह अंग्रेजी की पोयम सिखा रहे हैं । हम हमारे बच्चों को हमारी सभ्यता हनुमान चालीसा की चौपाई सिखाये ।घर में मेहमान आए तो उन्हें बच्चे पोयम नहीं हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र, शिव मंत्र सुनाएं। अपने बच्चों को क्या दे रहे हो टिंकल टिंकल लिटिल स्टार और आज स्टार लटक रहे हैं ऐसी स्थिति पैदा हो गई है।घर के बच्चे ज्ञान होना चाहिए कि बड़ों का आदर करना माता-पिता का सम्मान करना बड़ों से सम्मान से बात करना घर में बहू अच्छी आ जाए तो समझ लेना पूर्व जन्म में गाय को रोटी भी थी तो आज रोटी मिल रही है ।
अपने घर में भले चटनी रोटी मिले वह खाकर गुजारा कर लेना पर किसी का जूठा खाने मत जाना। बहुत लोभ और लालच दिखाया जाएगा दूसरे धर्म के लोग लालच दे देकर बुला लेते हैं थोड़े दिन लड्डू पेड़ा खिला देंगे बाद में कोई नहीं पूछेगा लालच में बिल्कुल मत आना अपने घर की रूखी रोटी खा लेना दूसरे के यहां जाकर जूठन मत खाना नहीं तो दशा मंदिर की घंटी की तरह हो जाएगी ना इधर के रहोगे ना उधर के ।
उन्होंने श्रद्धालुओं से पूछा कि मरने का समय नहाने के पहले का होता है या नहाने के बाद । मरने का समय नहीं देखा जाता उसी तरह मंत्र जाप का भी समय नहीं देखा जाता।बर्तन गंदा होता है तो दूध फटता है आप कैसा दिल लेकर बैठे हो आप कैसा मन लेकर बैठे हो यह आपके ऊपर है अपने पात्र को साफ सुथरा रखो मन को साफ सुथरा रखो तो दूध नहीं फटेगा हम बदलेंगे युग बदलेगा हम सुधरेंगे युग सुधरेगा, कब सुधरेगा जब हम सुधरेंगे
जो जैसा पात्र होगा वैसा उसको फल मिलेगा ।कथा कहने वाले ने कथा कह दी यह आपने किस तरीके से ग्रहण की यह आपके ऊपर है।हम दुनिया को बदलना चाहे लेकिन खुद को नहीं बदलेंगे जब तक स्वयं को नहीं बदलेंगे तब तक कोई सुधार नहीं होगा हम अपने आप को सुधारना ही नहीं चाहते।
अपने बच्चों को लेकर फिल्म देखने जाते हो होटल में जाते हो हफ्ते में एक बार बच्चों को गौशाला लेकर जाया करो जिसमें संस्कार नहीं है उसको चंदन लगाने का हक भी नहीं है।बैतूल में गन्ना होता है और और गन्ने के रस में उसमें जैसी मिठास होती है लगता है बैतूल के लोगों ने बहुत गन्ने का रस पिया है और उसी की तरह मीठे हैं।