महिलाओं को आत्म सम्मान के साथ स्वरोजगार से जुड़ना संस्था की पहली प्राथमिकता – भारती अग्रवाल
महिलाओं को आत्म सम्मान के साथ स्वरोजगार से जुड़ना संस्था की पहली प्राथमिकता – भारती अग्रवाल
37 वर्षों में 45 हजार 855 लोगों को दिया गया है प्रशिक्षण
सारनी।कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता जरा एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो इस कहावत को चरितार्थ करने का कार्य ग्राम भारती महिला मंडल के माध्यम से किया जा रहा है। इस संपूर्ण कहावत का आशय है कि दुनिया का कोई भी काम असंभव नहीं है बस बात इतनी सी है कि जो काम जितना कठिन होगा उसमें उतनी ही अधिक मेहनत लगानी होगी। 19 नवंबर सन 1985 को 9 सदस्यों के साथ ग्राम भारती महिला मंडल की न्यू रखी गई 37 वर्षों के बाद इस संस्था में 340 कर्मचारी मध्यप्रदेश के बैतूल, भोपाल,उज्जैन, शिवपुरी,दमोह,डिंडोरी, कटनी,अनूपपुर में कार्य कर रहे हैं। ग्राम भारती महिला मंडल की संस्थापक एवं संस्था के अध्यक्ष ग्राम भारती महिला मंडल ने बताया कि 37 वर्षों में 45 हजार 855 महिलाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा चुका है। जिसमें से 60 प्रतिशत महिलाएं अपने पैरों पर खड़े होकर लघु उद्योग सहित विभिन्न उद्योग के माध्यम से अपना घर परिवार संचालित करने का कार्य कर रही है, उन्होंने बताया कि महिला प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं के अंतर्गत आत्मनिर्भर बन सके इस उद्देश्य को लेकर इस संस्था को संचालित करने का कार्य किया जा रहा है और इस संस्था को 37 वर्षों में कई क्षेत्रों में कीर्तिमान अर्जित करने का अवसर भी प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के माध्यम से अचार उद्योग सेंट्री पेट का निर्माण सहित कई लघु उद्योगों में अपना भाग्य आजमाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना उनकी संस्था का मुख्य उद्देश है। साथ ही स्वाधार गृह एवं परामर्श केंद्र के माध्यम से पीड़ित महिला और पुरुषों को मिलाकर उनके घर परिवार को पुनः स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षण देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कैसे हो सकता है इसको लेकर ग्राम भारती महिला मंडल लगातार कार्य कर रही है। ग्राम भारती महिला मंडल की नंदा सोनी ने बताया कि जैविक कृषि जैविक संसाधनों से कृषि का कार्य करना और एक हजार लोगों की टीम को लेकर जल योजना के अंतर्गत प्रत्येक गांव में शासन की योजना के अंतर्गत जल पहुंचा कर सर्वे करने का कार्य करने महिलाएं जुड़ी हुई है 37 वर्षों का लंबा सफर तय करने के बाद शनिवार को ग्राम भारती महिला मंडल की संस्थापक एवं संस्था की अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल ने पत्रकारों से अनौपचारिक तक के अंतर्गत चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जा सकता है और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए कैसे स्थापित किया जा सकता है इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर ग्राम भारती महिला मंडल कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत महिलाओं को स्वरोजगार के अंतर्गत वाहन चलाना सिखाना सिखाने का कार्य किया गया है जिसमें 500 महिलाओं ने वाहन प्रशिक्षण चलाने का कार्य किया और वाहन चलाने के बाद वह आत्मनिर्भर भी बंन गई है। 340 लोगों की टीम के साथ मध्यप्रदेश के 8 जिलों में लगातार उनके माध्यम से काम किया जा रहा है जिससे कई महिलाओं को आत्मनिर्भर होकर घर परिवार संचालित करने में सुविधा प्राप्त हो रही है।संस्था के 37 वे जन्म दिवस के अवसर पर शनिवार को संस्था प्रांगण में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा निबंध लिखने एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी इस अवसर पर किया गया।