दीपावली की पूर्व संध्या पर शहीद भवन में जले कृतज्ञता के दीप, शहीदों को किया नमन

 

बैतूल। दीपावली पर्व पर आमतौर पर घरों, दुकानों के सामने दिये जलाए जाते हैं, लेकिन बैतूल में शहीदों की याद और बॉर्डर पर तैनात जवानों के उत्साह वर्धन के लिए 15 सालों से विशेष दीप जलाए जा रहे हैं।

छोटी दीपावली के अवसर पर शनिवार देर शाम बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति ने शहीदों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए दीये जलाए। समिति हर साल शहीद भवन और विजय स्तंभ पर दीये जलाकर सरहद पर तैनात सैनिकों के प्रति सम्मान और हौसला अफजाई करती है।

ऐसे हुई समिति की शुरुआत

समिति 27 वर्षों से बॉर्डर पर सैनिकों को राखी बांधने समेत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसका गठन 1999 में कारगिल विजय के बाद हुआ, जब बैतूल के जवान भी शहीद हुए थे। इस युद्ध की जीत के बाद सैनिकों के सम्मान और हौसला अफजाई का अभियान शुरू हुआ।
समिति की संस्थापक और अध्यक्ष गौरी बालापरे पदम ने देशवासियों से इस दिवाली एक दीपक शहीदों के नाम और एक दीपक देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की हौसला अफजाई के लिए जलाने की अपील भी की है।

इस दौरान समिति सचिव भारत सिंह पदम, वरिष्ठ सदस्य वंश पदम, विजित लिखितकर, कमलती चौहान, प्रिया सुनारिया सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे। समिति अध्यक्ष ने देशवासियों से शहीदों के लिए कृतज्ञता और सैनिकों की हौसला अफजाई के लिए एक – एक दीप इस दिवाली जलाने का अनुरोध किया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.