डॉ. नवीन वागद्रे ने विद्यार्थियों को दी जीवनरक्षक CPR प्रशिक्षण

वैष्णवी पब्लिक अकादमी, आठनेर में डॉ. नवीन वागद्रे ने विद्यार्थियों को दी जीवनरक्षक CPR प्रशिक्षण

आठनेर। वैष्णवी पब्लिक अकादमी (VPA), आठनेर में आज एक दिवसीय स्वास्थ्य एवं जीवनरक्षक कौशल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को डॉ. नवीन वागद्रे द्वारा Cardiopulmonary Resuscitation (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर डॉ. नवीन वागद्रे का आत्मीय स्वागत करते हुए किया गया। इसके पश्चात डॉ. वागद्रे ने विद्यार्थियों को बताया कि CPR एक ऐसी जीवनरक्षक प्राथमिक चिकित्सा तकनीक है, जो किसी व्यक्ति का हृदय अचानक बंद हो जाने (Cardiac Arrest) या श्वास रुक जाने की स्थिति में उसकी जान बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा सहायता पहुँचने तक सही समय पर दिया गया CPR किसी व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना को कई गुना बढ़ा सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को CPR के प्रत्येक चरण का सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शन कराते हुए बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले व्यक्ति की प्रतिक्रिया (Response) और श्वास की जाँच करनी चाहिए, तत्पश्चात सहायता बुलाकर आवश्यकता होने पर सही तकनीक से 30 Chest Compressions और 2 Rescue Breaths देने चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों को Chest Compression की सही गति, गहराई, हाथों की स्थिति के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। कई विद्यार्थियों ने स्वयं मंच पर आकर CPR का अभ्यास किया और जीवनरक्षक तकनीक को व्यावहारिक रूप से सीखा।

CPR प्रशिक्षण के अतिरिक्त डॉ. नवीन वागद्रे ने विद्यार्थियों को “स्वस्थ शरीर और एकाग्र मन के लिए 10 वैज्ञानिक आदतें” विषय पर भी प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित योग एवं प्राणायाम, ध्यान, बॉक्स ब्रीदिंग, फाइबर एवं प्रोबायोटिक युक्त भोजन, सकारात्मक सोच तथा डिजिटल संतुलन जैसी आदतों के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी इन आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएँ तो उनका शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता तथा अध्ययन में प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से बेहतर हो सकता है।

 

वैष्णवी पब्लिक अकादमी के संचालक डॉ. रविन्द्र झाड़े ने कहा कि विद्यार्थियों को दिया गया यह CPR प्रशिक्षण वास्तव में समाज के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि डॉ. नवीन वागद्रे प्रत्येक वर्ष विद्यालय में आकर विद्यार्थियों को स्वास्थ्य जागरूकता, व्यक्तित्व विकास, प्रेरणा एवं जीवन कौशल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं, जिसका विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

 

विद्यालय के प्राचार्य श्री वी. के. अमरूते ने डॉ. नवीन वागद्रे का परिचय देते हुए बताया कि हाल ही में उनकी तीसरी पुस्तक “जब मन ही उपचार बन जाए” प्रकाशित हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस पुस्तक का अध्ययन करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह पुस्तक मन, स्वास्थ्य और जीवन के गहरे संबंध को सरल भाषा में समझाती है तथा युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

 

कार्यक्रम के अंत में श्री राजेश जी वाडेकर ने डॉ. नवीन वागद्रे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन बचाने की वास्तविक क्षमता भी प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर वैष्णवी पब्लिक अकादमी एवं वाणी पब्लिक स्कूल के समस्त शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।

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